मैंने कहा: नहीं।भाभी बोली: चल झूठा!मैं बोला: सच्ची, नहीं है कोई।भाभी बोली: तेरे भैया ने तो कॉलेज में ही बना लिया था मुझे गर्लफ्रेंड, और तू इतना सीधा कैसे रह गया?तो मैं बोला: भाभी कोई मिली ही अच्छी सी।भाभी बोली: तो मेरे देवर को कैसी चाहिए?मैं बोला: भाभी आप भी ना!भाभी बोली: अच्छा अब मेरे से भी शर्मा रहा है।फिर मैं शरमाते हुए बोला: भाभी आप जैसी।भाभी बोली: अच्छा तो अब मेरे लाडले देवर को मेरे जैसी चाहिए।भाभी बोली: अच्छा एक बात तो बता। मेरे में ऐसा क्या देखा?मैं बोला: जो भैया ने देखा वो ही।भाभी बोली: चल अब ज्यादा मस्का मत लगा अपनी भाभी को। मालिश कर जल्दी, फिर खाना भी बनाना है।मालिश करने के बाद भाभी बोली: अलमारी से मेरी नाईटी निकाल कर दे।फिर मैं अलमारी से नाईटी निकाल कर पकड़ाने लगा तो उसमें से भी एक कंडोम का डिब्बा गिरा।मैं उसे उठाते हुए पूछा: भाभी आप इतने कंडोम के डिब्बों का क्या करते हो? और नाईटी में क्यों छुपा रखा है?तो भाभी बोली: पहले नाईटी दे, और दूसरी तरफ मुंह करके खड़ा हो, बताती हूं।भाभी ने ध्यान नहीं दिया, जिस तरफ मैंने मुंह किया था, उस तरफ दीवार पर कांच था। उसमें मुझे भाभी के बूब्स दिख रहे थे। उन्हें देख कर मेरा खड़ा होने लगा। क्योंकि भाभी की मालिश करने से गर्म हो गई थी, जिससे उनके बूब्स अब सख्त हो गए थे। क्या निप्पल थे भाभी के, गुलाबी रंग के।मैं बोला: भाभी अब तो बताओ कंडोम क्या काम आते हैं?भाभी नाईटी पहनते हुए बोली: इससे बच्चा पैदा नहीं होता।मैं बोला: वो कैसे?भाभी बोली: सब कुछ अब मेरे से जानना है क्या? मोबाइल में भी सर्च कर ले।मैं बोला: ठीक है भाभी।भाभी अपने हल्के से बूब्स दबाते हुए नाईटी पहन ली, और बोली: चल आज किचन में मेरी हेल्प कर।
मैं तो फिर से कांच की तरफ मुंह करके खड़ा हो गया, और मुझे फिर से उनके बूब्स दिख गए। इस बार तो उनकी चूत भी दिख गई थी, क्योंकि इस बार मैं थोड़ा तिरछा खड़ा था। क्या चूत थी भाभी की, उभरी हुई, और बिल्कुल चिकनी थी। अब मेरा शॉर्ट्स में खड़ा होने लगा।
भाभी ने बैड पर लेट कर चादर से गांड तक अपने को ढक लिया। पर उनकी गांड का थोड़ा उभार अब भी दिख रहा था, और इसे देख कर मेरा लंड और भी टाइट हो गया था। फिर भाभी की कमर पर मालिश करते हुए कभी उनके बूब्स को हाथ लगा देता, तो कभी जो थोड़ी गांड दिख रही थी उसको दबा देता। अब भाभी भी गर्म होने लगी थी। उनकी सांस तेज होने लगी थी, और आंखें भी बंद होने लगी। इधर मेरा भी लंड टाइट हो गया था।
फिर भाभी बोली: बस अब मुझे नींद आने लगी है। मालिश बहुत हुई, हाथ धोकर देवर जी आप भी सो जाओ।
भाभी ऐसे ही नंगी लेटी रही बैड पर। मैं हाथ धोकर आकर बैड की एक साइड में सोने का नाटक करने लगा। नींद किसको आए जब भाभी नंगी लेटी हो पास में? मैं भाभी के अच्छे से सोने का इंतजार करने लगा, क्योंकि बिना मुठ मारे नींद कैसे आए? 10-15 मिनट बाद भाभी नंगी ही उठ कर मोबाइल लेकर दूसरे रूम में चली गई। मैं भी पीछे-पीछे गया, और उन्हें देखने लगा, तो भाभी भैया को विडियो कॉल करके अपनी चूत में ऊंगली डालने लगी।
वो बूब्स को मसलने लगी। मैं भी गेट के पास छुप कर अपना लंड हिलाने लगा। भाभी फर्श पर बैठ कर फोन को दीवार के पास खड़ा करके एक हाथ से बूब्स को कभी मुंह में लेकर चूसती, तो कभी मसलती। वो दूसरे हाथ से कभी चूत को उपर से मसलती, तो कभी चूत में ऊंगली डाल कर जोर-जोर से सिसकारियां निकालती हुई चूत में ऊंगली कर रही थी।
उधर भैया और इधर मैं तीनों अपना-अपना पानी निकालने में लगे थे। भाभी हल्की रोशनी में चूत में ऊंगली डालती हुई बहुत सेक्सी लग रही थी। मन तो कर रहा था कि अभी पिछे से जाकर पकड़ कर उनके बूब्स और चूत को चूस-चूस कर खा जाऊं। आखिर 20 मिनट बाद तीनों का साथ में पानी निकल गया। उधर भैया-भाभी एक-दूसरे को अपना सामान दिखाते हुए बात कर रहे थे, और मैं अपना पानी निकाल कर बैड पर सीधा लेट गया।
मेरा लंड शॉर्ट्स के उपर से खड़ा दिख रहा था। 2 मिनट बाद भाभी नंगी आती दिखाई दी। मन तो कर रहा कि अभी पकड़ कर उनके बूब्स चूस लूं। मैं थोड़ी खुली आंखों से देख रहा था कि भाभी क्या कर रही थी। भाभी रूम में आकर अंगड़ाई लेते हुए नाइटी बैड से उठाने के लिए झुकी, तो उन्हें मेरा खड़ा लंड दिखा।
फिर भाभी बेड पर आकर मेरे लंड को देखने लगी, और हल्के हाथों से छू कर देखने लगी। तभी भैया का फोन आया और वो बात करते हुए बाहर चली गई। मैं भी पीछे-पीछे गया तो देखा भाभी एक बार फिर से चूत में ऊंगली डालने लगी, और इस बार तो सोफे पर लेट कर, पैर फैला करके चूत में गाजर डालने लगी। इस बार भाभी और भी जोर-जोर से सिसकारियां निकाल रही थी।
भैया बोले: धीरे कर, कहीं तेरा देवर आ गया तो मुश्किल हो जाएगी।
तो भाभी हंसते हुए बोली: आ जाने दो, उसे अपनी चूत चटा कर मजे कर लूंगी।
एक बार फिर से तीनों ने एक साथ पानी निकाला। इस बार मैंने जोश में नीचे ही गिरा दिया था, और आकर सो गया। भाभी भी पीछे-पीछे आ रही थी तो उनका पैर मेरे फर्श पर गिरे वीर्य पर पड़ा। उन्हें कुछ चिपचिपा सा लगा। भाभी ने मोबाइल की रोशनी से देखा, और उंगली लगा कर सूंघने लगी। भाभी समझ गई ये सब उनके देवर ने किया था।
फिर भाभी मुस्कराती हुई मेरे वीर्य को फर्श से उठा कर चाटने लगी। फिर बैडरूम में आकर फिर से मेरे लंड को देखा तो इस बार वो तना हुआ नहीं था। भाभी अभी तक नंगी ही थी। वो मेरे पास आकर मेरे माथे को चूम ली। उनके बूब्स मेरे मुंह पर लटक रहे थे। मन तो कर रहा था कि अभी पकड़ कर चूसने लग जाऊं। फिर सोचा नहीं अब तो उनको ही मजबूर करुंगा, जिससे वो खुद आकर मेरे लंड को पकड़ कर हिलाए, और अपनी चूत भी खुद ही चुदाए।
फिर भाभी मेरे बिल्कुल पास में आकर सो गई वो भी नंगी। 2 मिनट बाद मुझे भी नींद आ गई, क्योंकि भाभी को देख कर मुठ मार ली थी।
भाभी ने कैसे अपने देवर के लंड की सील तोड़ कर चूत चुदवाई। यह पढ़े अगले भाग में। किसी भी भाभी, आंटी, लड़की को सेक्सी चैट करनी हो, या अपनी चुदाई की कहानी लिखवानी हो, तो नीचे दी गई ईमेल पर मैसेज करें- moralstoryhindi169@gmail.com
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