इस Dirty sex कहानी में आप पढ़ें कि एक रात सोते हुए मैंने भाभी की चूची मसल दी. वे गुस्सा हो गई. लेकिन थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझसे बात की.
दोस्तो,
मेरा नाम राहुल है. मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है.
अच्छा शरीर और दिखने में गोरा हूँ.
मेरी उम्र 21 साल की है.
मैं अहमदाबाद, गुजरात से हूँ.
यह Dirty sex कहानी मेरी सगी भाभी की है.
मेरी भाभी का नाम अर्चना है.
मेरे घर में कुल 6 सदस्य हैं … मैं, मम्मी-पापा, छोटा भाई और भैया-भाभी.
भाभी की उम्र 28 साल की है. भाभी का फिगर 34-32-36 का है.
वे दिखने में एकदम माल लगती हैं.
गर्मी का मौसम होने के कारण सभी लोग गांव गए थे.
उधर हर साल गर्मियों में पूजा आदि का काम रहता है.
इधर घर में सिर्फ मैं, भैया और भाभी रह गए थे.
मेरे कॉलेज का एग्जाम होने के कारण मैं घर में था.
भैया आईटी कंपनी में जॉब करते हैं तो वे अपनी जॉब पर गए थे.
सब कुछ सामान्य चल रहा था.
मई महीने का समय था.
उस दिन अचानक भैया को कंपनी की तरफ से गोवा जाना पड़ गया था तो भैया जल्दी जल्दी में घर आए और अपनी अटैची आदि लगा कर गोवा के लिए निकल गए थे.
भैया को शायद एक महीने तक उधर रहना पड़ सकता था. कुछ भी तय नहीं था कि वे एक महीने में ही वापस आएंगे या और देर लगेगी.
उनके जाने के दो-तीन दिन तक सब कुछ सामान्य था.
उस रात को मैं ऊपर छत पर सो रहा था.
मेरी आदत है कि मैं गर्मी में छत पर ही सोता हूँ. बल्कि यूं कहूँ कि घर में सिर्फ मैं ही छत पर सोता हूँ.
उस रात को मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि भाभी मुझसे थोड़ी दूरी पर सो रही हैं.
मैं कुछ नहीं समझ पाया कि भाभी छत पर क्यों सो रही हैं.
पहले मैंने सोचा कि शायद पावर कट हुआ होगा लेकिन घर में इनवर्टर लगा है तो अमूमन ऐसा नहीं होता था कि कोई सदस्य छत पर आ जाए.
उस समय तक मेरे मन में भाभी के लिए कोई गलत ख्याल नहीं था.
सुबह जब मेरी नींद खुली, मैं भाभी के पास गया.
‘भाभी, आप रात को ऊपर क्यों आई थीं?’
भाभी ने कहा- मुझे अकेले डर लग रहा था दो दिन से, इसलिए मैं रात में तुम्हारे पास आकर सो गई थी.
भैया महीने भर के लिए बाहर गए थे, तो मुझे भी यह सब सामान्य लगा.
फिर एक हफ्ता ऐसे ही बीत गया.
अब भाभी छत पर ही सोने लगी थीं.
उनका बिस्तर मेरे बिस्तर के पास ही लगने लगा था.
एक दिन रात में जब मेरी नींद खुली, मैंने देखा कि भाभी की नाइटी उनके घुटनों से ऊपर तक उठी हुई है.
उनकी संगमरमरी जांघें स्पष्ट रूप से दिख रही थीं.
मैंने आज तक भाभी की दूधिया जांघों को नहीं देखा था तो मेरे मन में वासना घुमड़ने लगी थी.
उस दिन पहली बार मेरे मन में भाभी के लिए गंदे ख्याल आए.
मैंने सोच लिया था कि अब भाभी के साथ कुछ कर लेता हूँ.
लेकिन मुझे उनसे डर भी लग रहा था.
मैंने अपना बिस्तर भाभी के बिस्तर के और बिल्कुल बगल में सरका लिया.
फिर मैंने सोने का नाटक करते हुए अपना पैर उनके पैर पर रख दिया.
अब मैंने अपने पैर को उनके पैर पर घुमाना शुरू कर दिया.
देखने में मुझे ऐसा लगा कि भाभी जाग रही हैं लेकिन मेरा भ्रम था.
मेरी गांड फट रही थी कि क्या होगा?
फिर मैंने सोचा जो होगा, देख लूँगा.
भाभी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी तो मैं अपने साहस को बढ़ाता गया.
आखिरकार मुझसे रहा न गया तो मैंने अपना एक हाथ भाभी के चूचे पर रख दिया और अभी उनके दूध को मैंने धीरे से दबाया ही था कि उतने में भाभी जाग गईं.
भाभी ने मेरी तरफ देखा और एक जोरदार थप्पड़ दिया.
मैं सकपका गया और मेरी हालत मरे हुए चूहे के जैसी हो गई.
भाभी ने गुर्रा कर कहा- आज के बाद यह कभी किया तो तुम्हारे भैया से बोल दूंगी!
मेरी फट गई, मैंने भाभी को हाथ जोड़ कर सॉरी कहा और उनसे दूर जाकर सोने लगा.
लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और उस तरफ सेम स्थिति भाभी की थी.
भाभी को भी नींद नहीं आ रही थी. उनकी बार बार करवट लेने के कारण हो रही आवाजों से मुझे समझ में आ रहा था कि वे भी कुछ सोच रही हैं.
अब इससे मेरी गांड और ज्यादा फट रही थी कि भाभी का अगला कदम क्या होगा!
क्या वे भैया से मेरी शिकायत करेंगी? या वे छत पर रह कर ही मुझसे कुछ उलाहना आदि देंगी.
उस वक्त तक मेरे दिमाग में यह बिल्कुल भी नहीं आ रहा था कि भाभी मुझे अपने जिस्म से खेलने देंगी.
कुछ देर बाद भाभी बोलीं- राहुल, नहीं बोलूंगी भैया को … शांति से सो जाओ!
यह कह कर वे एकदम से मेरे बगल में आकर सोने लगीं.
अभी दो मिनट ही हुआ था कि उन्होंने अपनी नाइटी थोड़ी और ऊपर कर दी.
मैं समझ गया कि भाभी का भी मन चुदाई का हो गया है.
इस बार मुझे डर नहीं था.
उन्होंने मुझसे कहा- इधर देखो!
मैंने उन्हें देखा तो मुझे उनकी आंखों में गहरी चुदास दिख रही थी.
मैंने न जाने किस झौंक में भाभी की पैंटी के ऊपर हाथ रख दिया.
इससे भाभी थोड़ी ऐंठ गईं और दूसरी तरफ देखने लगीं.
मैंने हाथ हटा लिया.
तभी अचानक से भाभी मुड़ीं और मुझे किस करने लगीं.
तकरीबन 5 मिनट किस करने के बाद हम दोनों नंगे होने लगे.
भाभी ने कहा- राहुल, मुझे मेरी सेक्स लाइफ से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ.
मैंने कहा- कहो भाभी, क्या कहना है?
फिर भाभी जो कहने लगीं, वह मैंने सोचा भी नहीं था.
उन्होंने कहा- मुझे तुमसे डर्टी सेक्स चाहिए, जो तुम्हारे भैया मुझे नहीं दे पाए!
मैंने कहा- आप जो भी चाहती हैं, प्लीज करें … मैं आपको पूरा साथ दूंगा.
यह सुनते ही मामला साफ हो गया था, तो बस फिर क्या था … भाभी ने मेरा मुँह पकड़ा और झुकाती हुई मेरे मुँह को अपनी चूत पर लगा दिया.
भाभी ने एकदम से मेरे मुँह को पकड़ कर अपनी टांगों के जोड़ पर लगा कर दबा दिया था … तो मुझे सांस भी नहीं आ रही थी.
मैंने उनकी बुर को चाटा तो उसका खट्टा स्वाद बहुत टेस्टी लगा.
मैंने कुछ देर तक भाभी की बुर को चाटा और चूसा तो भाभी मस्त हो गईं.
फिर भाभी ने खुद ही मुझे रोक दिया और कहा- अब मेरी बगलें चाटो!
मैंने उनकी बगलें चाटीं.
भाभी पूरे मजे से चटवा रही थीं.
मैंने बोला- भाभी, मुझे भी ये मजा चाहिए.
भाभी ने मेरी चड्डी में हाथ डाला और मेरे लंड को चाटने लगीं.
कुछ देर बाद मैं झड़ने को हो गया.
मैंने कहा- भाभी, मेरा निकलने वाला है!
भाभी ने कुछ नहीं कहा और हाथ से इशारा कर दिया कि निकल जाओ.
मैं झड़ गया और भाभी मेरा माल निगल गईं.
मैं मस्त होकर चुत लेट गया.
फिर भाभी बोलीं- मेरे बूब्स चूसो और उन पर अपने दांतों से हल्का हल्का काटो!
मैं मन में सोच रहा था कि भाभी न जाने क्या करवाना चाहती हैं.
मैंने जोर से उनके बूब्स पर चाटा और चाटा.
मेरे जोर से काटने से भाभी सिहर उठीं, पर अगले ही पल जब मैंने उनके दूध को चूसा और चाटा तो वे मस्त हो गईं.
फिर मैंने भाभी से कहा- भाभी, मेरा फिर से खड़ा होने लगा है!
उन्होंने कहा- चलो, अब शुरू हो जाओ.
मैंने उनको चूत पर अपना लंड सैट किया और एक जोरदार धक्का दे दिया.
मेरा पूरा लंड एक ही बार में उनकी चूत में समा गया.
वे दर्द से कराह कर कहने लगीं- पहले धीरे-धीरे किया करो … एकदम से नहीं करना चाहिए.
मैं बिल्कुल उनके कहे अनुसार करने लगा.
कुछ देर बाद जब मेरा रस निकलने को हुआ तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही निकाल दो!
मैंने ठीक वही किया और झड़ कर उनके ऊपर ही लेट गया.
अचानक भाभी को पता नहीं क्या हुआ, बोलीं- ऊपर से हटो!
मैं हटा तो बोलीं- अब तुम मेरा मूत पीयो.
मुझे अजीब लगा, लेकिन चूत मिल गई थी तो करना तो था ही.
भाभी मेरे मुँह पर बैठकर मूतने लगीं और मैं उनका मूत पी गया.
मैंने भी सोचा कि मैं भी कुछ अलग करता हूँ.
मैंने कहा- भाभी, मुझे आपकी गांड मारनी है!
भाभी ने कहा- मार लो.
बस फिर क्या था.
मैंने अपना लंड सहलाया और उनकी गांड पर सैट कर दिया.
मैं गांड में लंड पेलता उससे पहले ही भाभी ने रोक दिया और कहा- पहले मेरी गांड चाटो, उसके बाद डालना!
मैंने ठीक वैसा ही किया.
मैंने अपनी जीभ उनकी गांड में घुसा दी. बहुत मस्त खुशबू आ रही थी उनकी गांड से … मैं मदहोश होकर छेद चाटने लगा.
सब कुछ होने के बाद मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रखा और पेल दिया.
भाभी भी मजे से लंड लेने लगीं.
इससे पहले सिर्फ एक ही बार उनका पानी निकला था.
औरतों की चुत का पानी निकलने में बहुत समय लगता है, इसलिए मैंने सोच लिया कि मेरा पानी निकलने के पहले मैं भाभी को दोनों छेदों का सुख देकर रहूँगा.
मैंने दो उंगलियां उनकी चूत में डाल दीं और चुत की रगड़ाई के साथ साथ गांड की चुदाई करने लगा.
मैं धीरे-धीरे कर रहा था ताकि मेरा पानी जल्दी न निकले.
कुछ देर बाद भाभी ने कहा- राहुल, मेरा होने वाला है!
बस फिर क्या था … मैंने भी धक्के तेज कर दिए और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए.
फिर भाभी ने मुझसे प्यार करते हुए कहा- यही सेक्स चाहिए था मुझे … तुमको कैसा लगा?
मैंने भी कहा- भाभी, बहुत मजा आया आपके साथ … मजा देने के लिए धन्यवाद!
भाभी ने कहा- मुझे भी तुम्हारा मूत पीना है. तुमको भी वह सुख देना है जो मेरे जीवन में मुझे पहली बार मिला है.
बस फिर क्या था, भाभी ने मेरा मूत पिया.
हम दोनों यहीं नहीं रुके.
दोनों ने गंदी चुदाई की हद पार कर दी.
हम दोनों एक-दूसरे का मूत पीते, गांड चाट लेते … मतलब हमारे लिए यह सब सामान्य हो गया था.
एक बार भाभी ने मुझे अपनी टट्टी भी चटा दी थी.
लेकिन सब चीजों में बहुत मजा आया और हमने बहुत एंजॉय किया.
ये dirty sex ka खेल कुछ समय तक बिंदास चला.
फिर जून के पहले हफ्ते में घर वाले आ गए और उसके बाद भैया भी आ गए.
चूंकि भाभी को डर्टी सेक्स मैं ही दे पाता था, इसलिए हम दोनों चुपके से चुदाई करने लगे.
कभी होटल जाकर की, कभी चुपके से छत पर की, कभी बाथरूम में की.
तो ये थी मेरी असली चुदाई की कहानी. कसम से दोस्तो, डर्टी सेक्स का अलग ही मजा है, स्पेशियली गांड चाटने में और मूत पीने में … आप भी कभी ट्राय करें.
प्लीज मुझे अपने मेल व कमेंट्स से बताएं कि आपको मेरी भाभी की dirty sex कहानी कैसी लगी.
धन्यवाद.
rahulmodi6356@gmail.com