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लंड की सील कुंवारी चूत से खुली- 2

दोस्तो, मैं आशु आपको अपनी सेक्स कहानी में अपनी कंपनी की एचआर मैम के साथ हुई अपनी एक सेक्सी घटना को सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
स्कूल से ही लगी सेक्स की लत
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैम मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर देखने और सहलाने लगी थीं, जिससे मुझे सुरसुरी होने लगी थी.

अब आगे :

मैंने मैम से कहा- मुझे कुछ हो रहा है!
मैम बोलीं- मैं तो बस ऐसे ही देख रही हूं कि कहीं तुम्हारा नुन्नू खराब तो नहीं हो गया!

मैं तो सब जानता था कि मैम क्या कर रही हैं, लेकिन मासूम बनने की नौटंकी कर रहा था.
मैम मेरे नुन्नू को लौड़ा बनाने की जुगत में आ गई थीं और वे उसको आगे पीछे करने लगी थीं.

फिर जब लौड़ा कड़क हो गया तो वे बोलीं- आशु देखो, अब तुम्हारा लंड नुन्नू नहीं रहा.

सच में मेरा लंड खड़ा होकर आठ इंच का हो गया था.
मैम बोलीं- इतना बड़ा … इतनी उम्र में! … कैसे हो गया?
मैंने कहा- मुझे मुठ मारने की आदत है, उसी वजह से हो गया होगा!

यह सुनकर मैम एकदम से सन्न रह गईं और बोलीं- साले, इतने साल तक तुमने सिर्फ मुठ ही मारी है … अभी तक किसी की चूत में पेला नहीं है!
मैंने कहा- हां, कोई मिली ही नहीं!

मैम बोलीं- चलो आज मैं तुम्हारी मुठ मारती हूं.
वे अपने नर्म मुलायम हाथों से मेरे लंड को आगे पीछे करने लगीं और बोलीं- तुम इस घास में अन्दर चलो और उधर ही लेट जाना.

मैं अन्दर घास के बीच में चित लेट गया और वे मेरे लंड से खेलने लगीं.
इधर किसी के द्वारा देख लिए जाने का खतरा भी नहीं था.

मुझे पता नहीं क्या हो रहा था, सच बताऊं जिंदगी का सुकून मुझे आज ही सही मायने में लग रहा था.

मैम ने मेरी पैंट और अंडरवियर को निकाल कर अलग रख दिया.
अब मैं बस शर्ट में था और नीचे से बिल्कुल नंगा!

मैम मेरे लंड के सुपाड़े से खेल रही थीं.
मुझे तो बस सुकून चाहिए था और कुछ नहीं.

फिर अब जाकर वह टाइम आया जब मैम ने मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और उसे चूसने लगीं.

मैं एकदम से कसमसा उठा और मेरे मुँह से ‘आ आह्हह … यस उफ्फ़ …’ की आवाज निकलने लगी थी.

मैम किसी चाटवाले की चाट तरह मेरे लंड को चाटती रहीं.

मैंने कुछ मिनट बाद कहा- मैम, मेरा छूटने वाला है!
मैम बोलीं- मैं खुद ही ले लूंगी अपने अन्दर!

मैं झड़ गया और मैम मेरा पूरा का पूरा वीर्य पी गईं.

उसके बाद मैम बोलीं- इतना सारा वीर्य अअह्ह … क्या सुकून है यार!
अब मैम ने मेरी शर्ट भी उतार दी.

अब मैं मैम के सामने बिल्कुल नंगा था.

मैंने मैम से कहा- मैम आप भी अपने कपड़े उतार दो ना!
तो मैम ने मेरे होंठों को अपने होंठों से किस करते हुए काट दिया.
मुझे बेहद मजा आ रहा था.

फिर वह समय भी आया, जब मुझे तृप्ति मैम के बूब्स के दर्शन हुए.

यार जैसे ही मैम ने अपनी टी-शर्ट उतारी, आह क्या ही कहूं … ऐसे लगा जैसे नर्म रबड़ की दो गेंदें उछल कर सामने आ गई हों.

इतने मुलायम दूध कि मुझसे रहा ही न गया और मैं तुरंत उन्हें हाथ में लेकर मसलने लगा.
मैम की कामुक आवाजें निकलने लगीं.
उनकी नशीली सी आह आह की आवाज से मैं भी मदहोश हो रहा था.

मैंने अब अपने दोनों हाथों से उनके दोनों दूध पकड़ कर मसलने लगा और किस करने लगा.

मैम बोलीं- आह रुको तो जरा. तुम तो किसी छोटे बच्चे की तरह दूध पीने दौड़ पड़े, जैसे इतने दिनों से भूखे हो दूध पीने को … इसमें से दूध थोड़ी अभी निकलेगा?
मैंने कहा- तो क्या हुआ, मुझे दूध न सही … ये गुब्बारे सुकून तो दे ही सकते हैं!

मैम बोलीं- अगर सुकून दूध बस से चाहिए तो ठीक है, मैं अपनी पैंट नहीं उतारती हूं … ठीक है!
मैंने कहा- ठीक है मैम आप जैसा कहें!

मैम ने कहा- अगर नीचे की क्रीम चहिए खाने को … तो पैंट भी उतार लेने दो … नहीं तो बूब्स बस को चूस और चाट कर रह जाओगे!

मैंने कहा- ठीक है, आप पैंट को भी उतार ही लो!
जब मैम ने अपनी टाइट पैंट उतारी यार … आह क्या ही कहूं!

मैम के बड़े बड़े चूतड़ देख कर मस्त हो गया और उस वक्त तो मजा ही आ गया जब मैंने अपने हाथ से उनके एक चूतड़ में थप्पड़ मारा!
मैम ने कहा- आह रुको जरा … सब्र करो!

मैंने कहा- मुझसे रहा नहीं जा रहा है!
मैम- क्यों इतने साल से मुठ मारी है ना तुमने तो दस मिनट और रुक लो!

फिर मैम ने अपनी ब्लू पैंटी उतारी और उनकी चूत इतनी टाईट थी कि मैं देखता ही रह गया.

मैम मेरे पास आकर बैठ गईं.
मैं घास में लेटा था.

मैम बोलीं- अब जो करना है, करो. पहले तो बहुत जल्दी थी मेरी चूची चूसने की … अब चूसो जितना चूसना है!

मैम मुझे किस करने लगीं और मैं मैम के बूब्स को चूसता रहा.
मैंने उनके बूब्स को इतना ज्यादा चूसा कि मैम के बूब्स लाल हो गए.

मैम बोलीं- अब तुम नीचे मेरी चूत को भी चाटो.
हम दोनों एक दूसरे के लौड़े और चूत की तरफ मुँह करके हो गए और एक दूसरे के अंग को चाटने लगे.

मैम की चूत इतनी टाइट थी कि मैं हैरान था.
मैंने उनसे पूछा- आपने कभी सेक्स किया है क्या?

मैम ने कहा- नहीं, आज फर्स्ट टाइम ही है!
मैं उनकी चूत को चाटने लगा. अपनी जीभ को खूब अन्दर तक डाल डाल कर चूस रहा था.

मैम भी मस्ती से मेरा लंड चूस रही थीं.
मेरा लंड आठ इंच लंबा होकर चूत चूत कर रहा था.

मैम बोलीं- अब तुम मेरी चूत छोड़ो … और आगे आ जाओ. अब मुझे तुम्हारा लंड लेना है!
मैं चित लेट गया.

मैम मेरे लंड के ऊपर बैठ कर उसे अपनी चूत के छेद पर सटा दिया और अन्दर ले लिया.
वे खुद ऊपर नीचे होकर धीरे धीरे लंड लेने लगीं.

उनको दर्द तो बहुत हो रहा था, पर चूत की हवस किसी भी लड़की को जला देती है.
उनकी तरफ से पूरा लंड लेने की कोशिश जरूर हुई थी, पर वे ले न सकीं.

अब मैम ने मुझसे कहा- तुम नीचे से झटका मारो!
मैंने धीरे से झटका मारा तो मेरा लंड चूत में 4 इंच चला गया.
मैम तड़प उठीं और बोलीं- आह आराम से लौड़े को डाल मेरे अन्दर साले.

वे गुजराती में गाली देने लगीं.
मैंने फिर से झटका मारा और मेरा आठ इंच का लंड मैम की चूत में अन्दर तक चला गया.

मैम चिल्ला उठीं.
मैंने मैम के मुँह को अपने मुँह बंद कर दिया और झटके देना शुरू कर दिया.

अब मैम मजे से कहने लगीं- आह जोर जोर से चोदो.

फिर तो मैंने मैम की चूत की मां चोद दी.
मैं उनकी चूत में इतनी स्पीड से झटके देने लगा कि मैम चिल्लाने लगीं ‘आह रुक जा मादरचोद!’
मगर मैं नहीं रुका.

वे जितना ज्यादा चीखतीं, मुझे उतना और ज्यादा जोश आ जाता.

कुछ देर बाद नजारा बदल गया और मैम अब मजे लेकर चीखने लगीं- अअह उफ्फ … और जोर से चोदो चोदो दम नहीं है क्या … साले और चोदो!
मैं मैम की चूत में उछाल उछाल कर झटके पर झटका देता गया और मैम चिल्लाती रहीं.

‘चोदो … और चोदो … फाड़ डालो आज मुझे … आह फाड़ दो!’

मैं उन्हें चोदते हुए उनके आमों को बारी बारी से चूस और काट भी रहा था.
मैम अपनी चुदाई की चरम सीमा पर आ गई थीं और उनको कुछ समझ ही नहीं रहा था कि क्या किया जाए.

कुछ देर में ही मैम दो बार झड़ चुकी थीं लेकिन मैं अभी भी मैम की चूत मारे जा रहा था.
करीब 35 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था.

मैम बोलीं- अपना लंड मेरे अन्दर ही ब्लास्ट कर दो … अपना पानी अन्दर ही छोड़ दो!
मैंने अपने लौड़े का सारा पानी मैम के अन्दर ही छोड़ दिया.

मैम ने चूत हटा कर फिर से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और फिर से खड़ा करने लगीं.

करीब दस मिनट बाद मेरा लौड़ा वापस खड़ा हो गया.

अब मैम नीचे लेटी थीं और मैं मैम की चूत को चाटने लगा.
मैम अपनी गांड उछाल उछाल कर मुझसे अपनी चूत चटवा रही थीं.

वे एक बार फिर से मेरे मुँह में ही झड़ गईं.
मैं मैम की चूत से निकला सारा रस पी गया.

मैंने मैम के चूत का थोड़ा सा रस अपने लंड में लगाया और मैम की चूत में अपना लंड पेल दिया.

इस बार मैंने इतनी स्पीड से मैम की चूत में अपना पूरा 8 इंच का लंड ठूंस दिया था कि मैम को कुछ समझ में ही नहीं आया.
वह तो जब लंड चूत में डाल दिया, तब मैम तड़प उठीं और गुजराती में मुझे गाली देने लगीं.

मैं फिर भी नहीं रुका और मैम की चूत को चोदता गया.
फिर मैम भी साथ देने लगीं.

अब मैम अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरा लौड़ा लेने लगी थीं और मैं अपने दोनों हाथों से मैम की चूचियों को पकड़ कर अपने लंड की तरफ खींच खींच कर उन्हें चोद रहा था.

जब मैं उनके दोनों दूध पकड़ कर अपना लंड चूत में आगे की ओर धकेलता तो मैम उछल कर आगे को खिसक जातीं.
तब मैं मैम के मम्मों को सख्ती से पकड़ कर उन्हें अपने लंड की तरफ खींच लेता.

इससे मैम रोने लगीं.
पर मैं ऐसे ही मैम के बूब्स पकड़ कर चुदाई करता गया और मैम आवाज निकालती रहीं.

‘आह आशु तूने तो मेरी फाड़ डाली … आह आज तो मेरी फाड़ ही डाली!’

अब मैं इतनी तेज स्पीड से धक्के मार रहा था कि मैम आगे से उछल कर पीछे खिसक जा रही थीं.
मैं बार बार उनके दोनों बूब्स पकड़ कर आगे से लंड की तरफ खींच ले रहा था.

इससे वह चिल्ला उठती थीं- मार डालेगा आज तो … साले मुठ्ठी बाज!

फिर जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड इतनी ज्यादा तेज कर दी थी मानो मशीन चल रही हो.
मैम की आंखों से आंसू आने लगे.
वे रोने लगीं.

मैं फिर भी झटके मारता रहा और कुछ पल बाद मैम भी मजे से उछल उछल कर चुदवाने लगीं.

काफी देर बाद मैं मैम की चूत के अन्दर ही झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया.
मेरा लंड मैम के अन्दर ही था.

कुछ देर बाद मेरा लौड़ा सिकुड़ कर बाहर आ गया और वीर्य की धार चलने लगी.
मैम अपनी चूत से बाहर निकलते हुए रस को हाथों में लेकर चाटने लगीं.

मैम ने मुझसे कहा- मैंने सोचा नहीं था कि मेरी पहली चुदाई इतनी मस्त होगी आशु … तुमने तो मुझे रुला दिया. सेक्स का इतना ज्यादा मजा दिया कि क्या ही कहूँ!

कुछ देर बाद मैंने कहा- एक बार और!
तृप्ति मैम ने हंस कर तीसरी बार फिर से मेरे लौड़े को अपने हाथ में लेकर सहलाना चालू कर दिया.

कुछ ही देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हुआ और तृप्ति मैम की आंखों में खुशी आ गई.
इस बार मैम डॉगी स्टाइल में हो गईं और मैं मैम की चूत को पीछे से चाटने लगा.

मैम को इस आसन में बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी!
फिर मैं मैम की चूत में लंड डालने लगा.

जैसे ही लंड डालता, वह फिसल जाता.
फिर मैम ने खुद अपने हाथ से लंड पकड़ कर अपनी चूत में लंड डाला और मैंने एक ही बार में पूरा लंड मैम की बच्चेदानी तक डाल दिया.

मैम की अअह्ह की तेज आवाज आई.
अब मैंने पीछे से धक्के देना स्टार्ट कर दिए और धकापेल चुदाई करता ही रहा.

मैं अपने दोनों हाथों से उनकी दोनों चूचियों को मसल रहा था.
मैम एकदम आंखें बंद करके मजे से तीसरी बार चुदवा रही थीं.

कुछ देर बाद मैम ने अपनी ओर से भी धक्के देने शुरू कर दिए.
ऐसे करते करते करीब 30 मिनट हो गए मैम कई बार झड़ गई थीं लेकिन मैं घोड़े की रफ्तार से उन्हें चोदता रहा.

मैम को उन्हें टाइम का ध्यान था, मगर मैं बस उनको चोदने में लगा रहा.
मैम भी मजे लेती रहीं.

तभी उनके फोन में कॉल आ गया.
उन्होंने मुझसे कहा- आवाज मत करना!

फिर भी मैं स्पीड से मैम को चोदता ही रहा.
मैम ने कुतिया बने हुए ही कॉल रिसीव किया और बोलीं- क्या हुआ!
सामने से उसकी कंपनी वाली सहेली थी.

वह बोली- शाम के 5:40 होने में है अभी 20 मिनट हैं और तुम कहां हो अभी! घर नहीं जाना क्या? अपने शिफ्ट की बस जाने वाली है!
मैम बोलीं- ठीक है, मैं आती हूं थोड़ी देर में!

मैं मैम को कॉल के टाइम भी चोदता रहा.
उसकी फ्रेंड ने तृप्ति मैम से पूछा- तू हांफ क्यों रही है, ऐसे क्यों लग रहा है, जैसे तू स्पीड में दौड़ रही हो … और तेरे पीछे कोई शेर पड़ गया हो?

मैम बोलीं- कुछ ऐसे ही समझ ले कि शेर आज मेरी ले रहा है और मैं उसको सुलाने की कोशिश कर रही हूं!
फ्रेंड बोली- ठीक है मेरी शेरनी, उसको सुला करके जल्दी से आ जा, बस चली जाएगी!

उसने कॉल कट किया और मैं मैम को धकापेल चोदने लगा.
मैम को चोदते चोदते मुझे 45 मिनट हो गया था और मैंने मैम से कहा- मैं झड़ने वाला हूं!

मैम बोलीं- अपना लंड बाहर निकाल कर मेरे मुँह में लाओ!
मैंने मुँह में लंड दे दिया और मैम मेरा सारा वीर्य पी गईं.

उन्होंने माल खाते हुए कहा- आह क्या चीज है तुम लड़कों के पास … और तुम लड़के इसे बस फालतू बेस्ट करते रहते मुठ्ठी मार मार के!
मैं हँसते हुए बोला- मैम मैंने आपको आज सच में तृप्त कर दिया … आपका नाम तृप्ति है ना, लेकिन आज आपने मुझे भी मस्त कर दिया.

वे हंसने लगीं और बोलीं- आओ मैं तुम्हें कपड़े पहना दूँ!
फिर उन्होंने मुझे कपड़े पहनाए और किस करने लगीं.

मैंने मैम के सारे कपड़े मैम को पहनाए और उनके बूब्स को मसलने लगा.
उन्हें अब बूब्स का दर्द महसूस होने लगा, तो वे बोलीं- चलो बस ठीक है आशु … अब मैं चलती हूं, फिर किसी दिन मिलते हैं.

उन्होंने मुझे किस किया और चली गईं.
उस दिन से मैम को मैं अपने रूम में भी लेकर जाता हूं और उनको खूब चोदता हूं.

मैम भी मुझे खूब प्यार करती हैं और अब तो उनकी सहेली भी मेरे लंड से चुदने आने लगी है.

आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं

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