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गर्लफ्रेंड की मम्मी को आगे पीछे चोदा

इंडियन आंटी हार्डकोर सेक्स का मौक़ा मुझे तब मिला जब मेरी गर्लफ्रेंड की मॅाम ने हम दोनों को नंगे पकड़ लिया. आंटी ने मुझे अपने घर बुलाया और मेरे लंड से अपनी प्यास बुझवाई.

मेरा नाम आशु असलम है. मैं बेंगलोर का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 23 साल है और मैं प्राइवेट सेक्टर में काम करता हूँ.

यह इंडियन आंटी हार्डकोर सेक्स की बात 3 महीने पहले की है.

मेरी एक गर्ल फ्रेंड है, उसका मुज़ीना नाम है.
मुज़ीना दिखने में एक नंबर की माल है.

उसकी मां का नाम हसीना है, वे भी बहुत सुन्दर हैं.

मैं मुज़ीना के साथ कई बार सेक्स कर चुका था.
हम दोनों सेक्स को एक जिस्मानी भूख की तरह मानते हैं कि सभी को इसकी जरूरत होती है.

इस बार कुछ ऐसा हुआ कि हम दोनों ने काफ़ी दिनों से सेक्स नहीं किया था.
मैं भी अपने ऑफिस कुछ काम में व्यस्त था, तो मुझे सेक्स करने की भूख जागी ही नहीं.

कुछ दिनों बाद मुज़ीना का कॉल आया और उसने मुझे बताया- कल मेरे मम्मी और पापा दो दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं, तो तुम कल शाम को घर पर आ जाना.
यह सुनकर मैंने भी 3 दिन की छुट्टी ले ली और शाम को उसके घर पर चला गया.

जब उसके घर जाकर मैंने उसे देखा तो मैं दंग रह गया.
उसने सिर्फ़ काले रंग की ब्रा और पैंटी ही पहनी थी.

मैं अन्दर तक गनगना गया और झट से उसके घर के मेन दरवाजे को लॉक करके मैं उस पर टूट पड़ा.
वह खुद मेरे इसी कदम का इंतजार कर रही थी.

मैं उसके होंठों पर किस करने लगा.
वह भी मेरे साथ किसी जौंक की तरह से चिपक गई थी.

दस मिनट की चुम्मा चाटी के बाद उसने मेरे कपड़े उतार कर फेंक दिए और कुछ ही पलों में मैं उसके सामने पूरा नंगा था.
मैंने उसकी ब्रा पैंटी भी उतार दी.

उसने घुटनों के बल बैठ कर मेरे सात इंच के लंड को अपने मुँह में ले लिया और वह बहुत ही अच्छे से लंड को चूसने लगी थी.
कुछ मिनट के बाद मैं उसे उठा कर अन्दर वाले बेडरूम में ले गया और उसे बेड पर पटक दिया.

उसके वाटर पिलो वाले गद्दे पर वह पूरी नंगी उछलती हुई मस्त चीज लग रही थी.
उसकी चूचियां गजब हिल रही थीं.

मैंने भी खुद को उसके ऊपर चढ़ाया और उसकी चूत चाटने लगा.
वह अपनी टांगों को फैला कर मेरे सर को अपनी चूत में मानो घुसेड़ लेना चाहती थी.

मुझे उसकी चूत चाटने में बड़ा मज़ा आने लगा.
शायद उसने अपनी चूत में कुछ मीठी चीज लगाई हुई थी जिसे चाटने में बहुत मस्त स्वाद आ रहा था.
साथ ही मुझे नशा भी होने लगा था.

बाद में मालूम हुआ था कि उसने अपनी चूत में नशा देने वाली एक विदेशी चॉकलेट लगाई हुई थी.

मैं नशे में मस्त होकर उसकी चूत के साथ खिलवाड़ करने लगा और उसकी चूत में एक उंगली करने लगा.

वह पागलों की तरह मुझे गाली दे रही थी- साले बस कर मादरचोद … अब रहा नहीं जाता बहन के लौड़े … डाल दे लंड अन्दर … और मत तड़पा मादरचोद!

मुझे भी उसके मुँह से गाली सुनते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था, तो मैं उसे जानबूझ कर सता रहा था.

कुछ देर के बाद जब उससे रहा नहीं गया, तो उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे ऊपर उठाया और अपने ऊपर ले लिया.
फिर वह मुझे चूमती हुई पलट गई और उसने मुझे अपने नीचे ले लिया था.

देखते ही दखते वह मेरे लंड पर बैठ गई और मेरे लौड़े को उसने अपनी चूत में ले लिया.
लंड अन्दर लेते ही वह एक बार को आह करके कराही और अगले ही पल से वह गांड उछाल उछाल कर चुदने लगी थी.

कुछ मिनट के बाद मैंने उसे अपने लौड़े से हटाया और घोड़ी बना लिया.
फिर उसके पीछे से लंड पेल कर चूत चोदने लगा.

मैं उसकी पीठ पर लद गया था और उसकी दोनों चूचियों को अपने दोनों हाथों में भर कर मसलते हुए उसकी ले रहा था.

करीब 30 मिनट के बाद मैं झड़ गया. इस चुदाई में मैंने अलग अलग पोज़िशन्स में उसे चोदा था.
उस रात हम दोनों ने 4 बार चुदाई की और सो गए.

दूसरे दिन भी हम दोनों ने 3 बार चुदाई की.

मैं उसकी गांड मारने का सोच रहा था लेकिन उसने अपनी गांड नहीं मारने दी.

दूसरे दिन सुबह हम दोनों थक कर सोए हुए थे, उसी समय उसकी मम्मी आ गईं.
उनके पास घर की दूसरी चाभी थी तो वे अन्दर ही आ गई थीं.
हम दोनों नंगे सोए हुए थे.

उन्होंने अन्दर आकर चाय बनाई और मुज़ीना के बेडरूम में आईं, तो हम दोनों को नंगा देख कर चिल्लाने लगीं.
जैसे ही उनकी आवाज सुनी तो हम दोनों की आंखें खुल गईं.

सामने मुज़ीना की मम्मी को देख कर मेरी गांड फट गई और मैं अपने कपड़े पहन कर वहां से निकल गया.

दो दिन हो गए थे, मुझे मुज़ीना का कॉल नहीं आया.
मैं समझ गया था कि पक्के में कुछ लफड़ा हुआ है.

ऐसे ही कुछ और दिन निकल गए.

फिर एक दिन मुझे उसके मम्मी का कॉल आया.
उन्होंने मुझे घर आने को कहा.
तो मेरी हालत खराब हो गई.

मैंने जैसे तैसे करके हिम्मत जुटाई और उनके घर चला गया.
बाहर आकर मैंने डोरबेल बजाई तो दरवाजा खुला.

जैसे ही खुला, मेरी तो हालत हो खराब हो गई.
उसकी मम्मी लाल रंग की साड़ी में क़यामत लग रही थीं.
मैं उन्हें देखता ही रह गया.

शायद उन्होंने मेरी नजरों को नोटिस किया और मुझसे अन्दर आने को कहा.

यार वैसे तो उनकी उम्र 43 की थी, लेकिन उस समय वे केवल 30 साल की भाभी लग रही थीं.

आंटी ने मुझे बैठने को कहा और पानी लेकर आईं.

उन्होंने मुझसे पूछा- कब से चल रहा है यह सब?

उस समय मैं उनकी तरफ देख रहा था मगर मेरी नजर उनकी झीनी साड़ी में से झाँकते आधे दूध पर ही टिकी थी.

मैं उनके मम्मों की झांकी में इस कदर खो गया था कि मैंने उनका सवाल ही नहीं सुना था.

जब मैंने कुछ नहीं कहा, तब उन्होंने मेरी नजरों का पीछा किया और गुस्से में कहा- मैं कुछ पूछ रही हूँ!

तो मैं उनकी तेज आवाज से डर गया और हड़बड़ाते हुए कहा- क … क्या पूछा अ…आपने!

वे अपने सवाल को दुहराती हुई बोलीं- कब से चल रहा है यह सब?
मैंने मरी सी आवाज में जवाब दिया- पिछले 5 महीने से!

तो उन्होंने कहा- अच्छा … और इन पाँच महीनों में तुमने उसे कितनी बार चोदा है?

मैं उनके मुँह से चुदाई की एकदम खुली बात सुनकर हैरान हो गया.
एक तरह से मेरी हिम्मत भी बढ़ गई थी.

मैंने उनकी आंखों में बेखौफ देखते हुए कहा- बहुत बार चोदा है. उसे मेरे लौड़े से भी बड़ी मुहब्बत है.
उन्होंने कहा- अच्छा, तो इतना दम है तुम्हारे लौड़े में?

अब मैं भी समझ गया था कि आंटी भी मेरे लौड़े के साथ कुछ खेल करना चाहती हैं.
यह मौका भी अच्छा था, उस वक्त घर में सिर्फ आंटी ही थीं.

तो मैंने उनकी चूचियों को देखते हुए कहा- क्या आप भी मेरे लौड़े की ताकत देखना चाहोगी?
उन्होंने एक कंटीली मुस्कान के साथ देखा और हां कहती हुई खड़ी हो गईं.

मैं उन्हें देखने लगा था.
तभी उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरी पैंट उतार दी.
फिर चड्डी को हटा दिया.

मेरा आधा कड़क लंड देख कर उनके मुँह में पानी आ गया.
मैं अभी कुछ समझ पाता कि उन्होंने घुटनों के बल बैठ कर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया.

मैं तो मानो जन्नत की सैर कर रहा था.
करीब 5 मिनट के बाद आंटी मुझे मुज़ीना के बेडरूम में लेकर गईं और कमरे को बन्द कर लिया.

अब उन्होंने अपने और मेरे पूरे कपड़े उतार दिए.

आह आंटी के बूब्स बड़े ही मस्त थे.
उनके ऊपर मैं टूट पड़ा.
मैं उनके मम्मों को कभी मसलता तो कभी मुँह में भर कर काट लेता.

वे बोलीं- मेरे राजा, मैं कहां भागी जा रही हूँ … थोड़ा आराम आराम से करो न!

कुछ मिनट के बाद मैं उनको बिस्तर पर लिटा कर उनके पैरों के बीच में आ गया.

आंटी की टांगों को फैला कर मैं उनकी सफाचट जामुनी रंग की चिकनी चूत चाटने लगा.

वे मस्त हो गईं और बोलने लगीं- आ आह … आज पहली बार किसी ने मेरी चूत पर जुबान लगाई है … आह ईए … और चाट … मादरचोद आह क्या मज़ा आ रहा है … मेरी बेटी तो किस्मत वाली है जिसे तेरे जैसा लवर मिला है … आह आज से तू मुझे रोज़ चोदना आह उम्म्म्माआ!

उनकी मदभरी आवाजें निकलने लगी थीं, जिससे मेरा जोश बढ़ता जा रहा था.

मेरे दिमाग में बार बार एक ही बात आ रही थी कि गर्लफ्रेंड के बेड पर उसकी मां चोद रहा हूँ.

दस मिनट बाद मैं उनके ऊपर चढ़ गया और जैसे ही मैंने चूत में लंड डाला, तो आधा लंड घुसता चला गया.

आधा लंड लेते ही आंटी दर्द के मारे बिलबिला उठीं.
उनकी चूत बहुत टाइट थी.

फिर मैंने थोड़ी देर बाद और एक धक्का मारा और अपना पूरा लंड अन्दर पेल दिया.

कुछ देर रुकने के बाद मैंने लंड को आगे पीछे करना चालू कर दिया.

आंटी चुदाई के मजे लेने लगीं तो मैंने उनके होंठ चूमे और पूछा- चूत बड़ी टाइट है आपकी?
उन्होंने बताया- आशु, तेरे अंकल ने मुझे 3 साल से नहीं चोदा है. तब से मैंने अपनी चूत में सिर्फ़ उंगली की है. आज इतने दिनों बाद किसी मर्द का लंड अन्दर घुसा है. तू मुझे जोर जोर से चोद! आह … चोद चोद कर आज मेरी चूत को फाड़ दे.

बस मैं लग गया और और ताबड़तोड़ पेलता रहा.

करीब 20 मिनट के बाद मैंने लंड चूत से निकाल कर उनके मुँह में दे दिया और मुँह में ही रस झाड़ दिया.

उन्होंने भी मेरा सारा पानी पी लिया और आह करती हुई सीधी पसर गईं.
आंटी काफ़ी थक चुकी थीं.

मैंने पूछा- आंटी कैसा लगा?
उन्होंने मुझे डाँटते हुए कहा- आंटी मत बोल, रांड बोल … आज से मैं तेरी रांड हूँ मेरे राजा.

हम दोनों हंस कर बातें करने लगे.

फिर कुछ देर बाद आंटी मेरा लंड चूसने लगीं और थोड़ी ही देर में मेरा लंड खड़ा हो गया.

इस बार मैंने कहा कि अब गांड की बारी है!
इंडियन आंटी हार्डकोर सेक्स के लिए पहले तो मना करने लगीं.

मैंने उन्हें बताया कि मैंने आज तक आपकी बेटी की गांड नहीं मारी, लेकिन आपकी गांड मारना चाहता हूँ.
वे न जाने क्यों तुरंत मान गईं और तेल लेकर आ गईं.

आंटी ने मेरे लंड पर खूब सारा तेल लगाया और मैंने भी उनकी गांड में तेल लगा दिया.
वे घोड़ी बन गईं और लंड गांड के छेद पर रख कर धक्का मारा.

जैसे ही धक्का मारा, तो तेल की वजह से थोड़ा सा लंड अन्दर चला गया.
वे दर्द के मारे तड़पने लगीं.

मैं रुक गया और उन्हें शांत करने लगा.

थोड़ी देर रुक कर मैंने एक और धक्का मारा.
इस बार लंड गांड की चीरते हुए अन्दर तक घुसता चला गया.

आंटी रोने लगीं, लेकिन मैं नहीं रुका … और उन्हें ऐसे ही चोदता रहा.

काफ़ी देर के बाद वे सामान्य हो गईं और मज़े से गांड चुदवाने लगीं.
दस मिनट के बाद मैं उनके गांड में ही झड़ गया और उनके बगल में सो गया.

अब मैंने उनसे मुज़ीना के बारे में पूछा.
तो उन्होंने बताया- उसे नाना के घर भेजा है, वह कल आएगी. तुम चाहो तो उसे कल चोदने आ जाना.

यह बात सुन कर मैं खुश हो गया और उनको एक बार फिर से चोदा.
ऐसे ही उस दिन मैंने आंटी को 4 बार चोदा.

आज भी मुज़ीना मेरे साथ है और जब भी मौका मिलता है, मैं उसकी मम्मी को भी चोद लेता हूँ.
यह बात अब मुज़ीना को भी पता है और उससे भी कोई ऐतराज़ नहीं है

बाद में मैंने उन दोनों को एक साथ भी चोदा था.
वह कामुक कहानी मैं अगली बार लिख कर आपको बताऊंगा

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