हॉट मैडम को चोदा-Hot fuck Story

हॉट मैडम को चोदा-Hot fuck Story

हॉट मैडम को चोदा-Hot fuck Story सेक्स स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत है,दोस्तों यह बात उस समय की है जब में कॉलेज में पहले साल का स्टूडेंट था और एम. एस. सी. के एग्जाम की तैयारी के लिए में जूलॉजी की क्लास जा रहा था.. लेकिन जूलॉजी का कोई अच्छा टीचर नहीं मिल रहा था. तो मैंने अपने कज़िन से किसी अच्छे टीचर के बारे में पूछा. तो वो कहने लगा कि में जहाँ पर में पढ़ रहा हूँ तू भी वहीं पर आ जा. वो टीचर बहुत अच्छी है और पढ़ाती भी बहुत अच्छा है.

तो उसी शाम को में उसके साथ कोर्स की बात करने चला गया. मुझे मेरे घर से वहाँ पर पहुंचने में 15 मिनट लगे और हम अपनी मंज़िल पर पहुँच गये. मेरे कज़िन ने मुझे बताया कि मेडम एक स्कूल टीचर है और एक बार सुबह 2 घंटे और शाम को फ्री हो कर घर में ही पढ़ाती है.

फिर हम दोनों अंदर जाकर सोफे पर बैठ गये और फिर पहले एक 45-50 की आंटी पानी लेकर आई. में तो डर गया और सोचने लगा कि हम यह तो ग़लत जगह आ गये इसे तो कुछ नहीं आता होगा और मेरा भविष्य तो गया.. लेकिन थोड़ी देर बाद ही एक सुंदर लड़की कमरे में आई. फिर क्या था? मेरा भविष्य गया भाड़ में और में हम दोनों.. मेरे और टीचर के भविष्य के बारे में सोचने लगा.

उसके बाद जो 10-15 मिनट हमारी बात हुई मुझे नहीं पता कि में तो बस हाँ हाँ करता रहा और उसका चेहरा और फिगर देख रहा था. उसकी उम्र 20-21 साल की थी और उसकी भूरी आंखे, गोरा रंग, मीडियम बाल और उसका सबसे सुंदर हिस्सा था उसके बूब्स 34-38-40 के होगें.. क्या चीज़ थी यार.. वो अप्सरा थी.

फिर में जब बाहर आया तो मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने सुबह 6 बजे का कोचिंग शुरू कर लिया. फिर में सोने में तो बहुत बड़ा कुंभकरण था और सुबह उठना तो मेरे लिए नामुमकिन था.. लेकिन क्या करता? इस अप्सरा ने मुझसे मेरे होश तो छीन लिए थे और अब नींद भी.

फिर सोमवार को मेरा पहला दिन था और में लेट नहीं होना चाहता था.. लेकिन रविवार की रात को मेडम के नाम की मुठ मारकर में तो पता नहीं किस गहरी नींद में चला गया और मुझे सुबह के अलार्म का पता ही नहीं चला. सुबह 6:30 बजे मेरी नींद खुली और में फटाफट अपनी शर्ट और जिन्स पहन कर ही चला गया.

ये सेक्स कहानी भी पढ़े;-पत्नी की अदला बदली करके चुदाई

फिर 6:45 पर मेरी स्पेशल एंट्री हुई और सारा ग्रूप मेरी और आँखें फाड़ फाड़कर देखने लगा.. लेकिन मुझे तो ऐसा लगा कि जैसे में एक सपने से जागकर दूसरे सपने में आ गया हूँ. मेरा पूरा ग्रूप लड़कियों का था और मुझे ऐसा लगा कि जैसे में इन गोपियों का किशन बनकर इनके साथ खेलने वाला हूँ.. लेकिन मेरी राधा तो दिख ही नहीं रही थी.

तभी मेरे कंधे पर एक हाथ आया और मेडम बोली कि वेलकम नवाब साहिब इस कोर्स में आपका बहुत बहुत स्वागत है. फिर वो मेरे पीछे से आकर मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठ गयी और मुझे अपने पास वाली कुर्सी पर बैठने का इशारा किया और में चुपचाप आकर बैठ गया..

लेकिन मेरा पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था. वो गहरे गले का कुर्ता पहने हुई थी और ऊपर से कोई चुनरी वग़ैरा भी नहीं पहनी थी. उनके बड़े बड़े बूब्स साफ साफ दिख रहे थे और मुझे ज़ोर ज़ोर से चीखकर पुकार रहे थे. मैंने इतनी बड़ी और सेक्सी कल्पना तो आज तक नहीं देखी थी.

फिर उन्होंने पढ़ाना तो शुरू कर दिया.. लेकिन मेरा लंड मुझे पढ़ने नहीं दे रहा था और मेरा पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था और एक साईड पर बैठने के कारण मुझे उनकी सफेद ब्रा की लेस साफ साफ नज़र आ रही थी.. जो कि बड़ी ही सेक्सी लग रही थी और ऐसा नज़ारा देखकर तो में बहुत ही गर्म महसूस कर रहा था.

फिर मुझे परेशान देखकर मेडम ने पूछ कि क्या बात है सेम? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं मेडम सुबह ऐसे ही उठकर आ गया हूँ तो थोड़ा ठीक नहीं लग रहा है और शायद घर जाकर कुछ खा लूँ तो ठीक हो जाऊंगा. फिर उन्होंने कहा कि घर जाने की क्या जरूरत है तू बैठ में अभी कुछ तेरे लिए खाने को लेकर आती हूँ..

लेकिन मुझे कहाँ भूख थी.. भूख तो मेरे लंड को लग चुकी थी और फिलहाल उसको शांत रखने का एक ही तरीका था और वो था घर पर जाकर मेडम के नाम की मुठ मारना. फिर 5 मिनट बाद मेडम एक कटोरी में आमलेट बनाकर ले आई और मुझे आमलेट पकड़ते हुए मेडम जैसे ही झुकी.

तो उनके 34 के बूब्स ने मुझे फिर से दर्शन दे दिए. इतना साफ और पास का नज़ारा देखकर तो में होश ही खो बैठा और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरे हाथों से कटोरी फिसल कर नीचे गिर गई. फिर में बहुत बुरा महसूस करने लगा और मेडम से सॉरी सॉरी कहने लगा.

तो मेडम ने प्यार से मुझे बैठने को कहाँ और बाहर से कपड़ा लेकर ज़मीन साफ करने लगी. अब तो नजारा और भी मस्त हो गया था और जैसे ही वो नीचे बैठती उनकी जांघो के दबाव से बूब्स और बाहर निकल आते थे. दोस्तों में तो और भी गरम हो गया था और ऐसा लग रहा था कि बस अब 2 मिनट भी अगर और रुका तो मेरा लंड दर्द के मारे झड़ जाएगा.

में फटाफट वहाँ से भाग खड़ा हुआ और घर पर जाते ही मैंने बाथरूम में जाकर मेडम के नाम की मूठ मार दी.. लेकिन मुझ में इतना सेक्स भर चुका था कि लंड झड़ने के बाद भी पूरे जोश में था और उसे पूरी तरह शांत करने के लिए मुझे एक और बार मूठ मारनी पड़ी.

ये सेक्स कहानी भी पढ़े;-भाभी की जोरदार चुदाई

फिर एक दो बार मूठ मारने के कारण में बहुत थक गया और जाकर सो गया. उस दिन में बहुत अच्छा महसूस कर रहा था और वो पूरा का पूरा नजारा मेरे सामने दोबारा दोबारा आ रहा था. तो मैंने तय किया कि में अब दोबारा वहाँ पर नहीं जाऊंगा और कोई और टीचर ढूँढ लूँगा.

तो ऐसे ही एक सप्ताह निकल गया.. लेकिन मुझे कोई भी टीचर नहीं मिला. तभी मेरे कज़िन का मुझे फोन आया और उसने मुझे कहा कि मेडम मेरे बारे में पूंछ रही थी कि में पढ़ने क्यों नहीं आ रहा? और मेरे कज़िन ने मुझे कोर्स बीच में छोड़ने के लिए मना किया और उसके कई बार कहने पर में मान गया.. लेकिन में बड़ा घबरा रहा था.

फिर बड़ी मुश्किल से में अगले दिन ट्यूशन पर गया और फिर मेडम ने मुझसे बहुत प्यार से बात की और पढ़ाना शुरू कर दिया और ऐसे ही एक महीना बड़े आराम से निकल गया. में मेडम के साथ बहुत अच्छी तरह से घुल मिल गया था.. लेकिन में बहुत कम बोलता था और उनकी नज़रों में में बड़ा ही शरीफ़ लड़का था..

लेकिन इस शरीफ नक़ाब के पीछे में अपनी हवस पूरी करता रहता था. फिर उस महीने में मैंने मेडम के बारे में बहुत खोज की और उनकी बहुत सारी आदतों, पसंद और ना पसंद को में जान गया था. उनके स्कूल का टाईम, पर्सनल सेल नंबर, मैल अकाउंट, वो चाय की बहुत शौकीन थी वग़ैरा वग़ैरा और इन सभी बातों में से दो चीज़ें ऐसे थी जो मेरे बाद में काम आई.

पहली थी, उनकों पढ़ते समय चुनरी वग़ैरा लेना बिल्कुल पसंद नहीं था और मुझे जब भी मौका मिलता में उनके सामने वाली कुर्सी पर बैठ जाता और उनके बूब्स के मस्त नज़ारे लेता रहता था और अपनी हवस पूरी करता रहता. शायद उन्हें इस बात का पता चल चुका था और इसलिए वो हर बार मुझे अपने पास बैठने को कहती.

जिससे में उनके बूब्स की जगह अपनी किताब पर ध्यान दूँ और दूसरी ये कि वो हमारे ग्रुप के बाद सीधा स्कूल जाती थी और उनके पास कोई साधन नहीं था इसलिए वो ऑटो से जाती थी.. लेकिन मैंने उन्हें मना लिया था कि में उन्हें अपनी बाईक पर छोड़ आया करूँगा और वो मेरे बहुत ज़ोर देने पर मान गयी और मैंने फिर अपनी दूसरी चाल चली..

मैंने अपनी बाईक पर से सभी पकड़ने के हुक हटा दिए जिससे मेडम को कुछ पकड़ने करने को ना मिले और उन्हें मुझे ही पकड़ कर बैठना पढ़े. फिर मेरा प्लान सफल रहा और मेडम मुझे पकड़कर बाईक पर बैठ जाती और में उनसे कहता कि मेडम रोड खराब है तो थोड़ा और पास हो कर बैठो और मुझे कसकर पकड़ लो..

उनका स्कूल उनके घर से 15 मिनट की दूरी पर था.. लेकिन में अपनी बाईक इतनी धीरे चलता कि 15 मिनट की जगह 25 मिनट लगा देता जिससे मुझे उनके जिस्म को महसूस करने का मौका मिल जाता. मेरे पास बस यह 25 मिनट ही होते थे जब मुझे उनके जिस्म का स्पर्श मिलता था और स्पर्श भी ऐसा था जो मेरे पूरे शरीर को चार्ज कर देता.

फिर जब भी कोई झटका लगता तो उनके बूब्स मेरी कमर से टच होते थे और मुझे ऐसा लगता था कि मानो उनके बूब्स से करंट पास होकर सीधा मेरे लंड पर जा रहा हो. ऐसे ही छोटे-छोटे पल का मजा उठाते हुए में एक महीने तक अपने मन को समझता रहा..

लेकिन उनके शरीर को पाने की कोशिश मुझमें इतनी बड़ चुकी थी कि मन में मैंने ठान लिया था कि अब जो भी हो मुझे उन्हें चोदना ही पढ़ेगा. तो एक दिन मुझे मौका हाथ लग ही गया उस दिन मेरे एग्जाम होने की वजह से में सभी के साथ नहीं पढ़ सका और मेरा वहाँ पर जाने का समय छूट गया और फिर मैंने मेडम से अलग से पढ़ाने की बात कही..

क्योंकि मेरे एग्जाम और मेडम का सभी को पढ़ाने का समय एक था. तो मेडम ने भी मेरे एग्जाम खराब ना हो इसलिए मुझे अकेले में क्लास देने का फेसला किया और में मन ही मन बहुत खुश हुआ. फिर दूसरे दिन जब में उनके पास पहुंचा तो वो घर पर अकेली मेरा इंतजार कर रही थी मेरे वहाँ पर पहुंचते ही उन्होंने मुझे पढ़ाना शुरु किया.

फिर मैं अपनी किताब पर कम और मेडम की चूची पर ज्यादा ध्यान देने लगा. फिर ऐसे ही दो दिन बीत गए और मेडम को भी धीरे धीरे मुझमें रूचि होने लगी. फिर एक दिन जब में वहाँ पर पहुंचा तो मेडम नहाकर बाथरूम से बाहर निकली और मुझे एक स्माईल देकर दूसरे कमरे में चली गई.

फिर में भी मौका देककर उनके पीछे पीछे कमरे में चला गया और मैंने जाकर उन्हें जोर से पकड़ लिया. तो वो छूटने की बहुत कोशिश करने लगी और कहने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो.. प्लीज मुझे छोड़ दो. मैंने कहा कि नहीं प्लीज एक बार मुझे अपनी प्यास बुझाने दो.

फिर उसने कुछ भी नहीं कहा और चुपचाप खड़ी रही और मैंने उसे एक लिप किस किया और उसके बूब्स दबाए. फिर दस मिनट की चुम्मा-चाटी के बाद मैंने उसे सहलाना शुरू किया और वो सिसकियाँ लेने लगी और कहने लगी कि प्लीज जो भी करना है जल्दी करो में अब और नहीं रुक सकती.

फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और एक एक करके उसके कपड़े उतारने लगा और मैंने धीरे धीरे उसे पूरा नंगा कर दिया और मैंने जैसे ही उसकी ब्रा से उसके बूब्स को आजाद किया मेरा लंड और भी तन गया. फिर मैंने जल्दी से उसके बूब्स मुहं में लिए और छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा..

वो मुझे अपने बूब्स पर जोर जोर से दबा रही थी और में एक हाथ से उसकी चूत को गरम कर रहा था. करीब दस मिनट बूब्स चूसने के बाद मैंने उसकी चूत का नम्बर लिया और अपना मुहं चूत के पास ले जाकर चूत चाटने लगा और जीभ से चूत चोदने लगा

वो मेरा सर पकड़ कर चूत पर दबा रही थी और फिर वो झड़ गई. मैंने उसका पूरा रस पी लिया और फिर मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और उसकी चूत का निशाना साधा और एक जोश से भरपूर धक्का दिया और तभी उसकी एक जोर की चीख निकल गई मैंने जल्दी से उसके मुहं पर अपना एक हाथ रखा और उसके शांत होने का मौका देखने लगा.

फिर जब वो मुझे थोड़ी शांत लगी तो मैंने धक्के देने शुरू किए और उसकी चूत में लंड धीरे धीरे समाने लगा. थोड़ी देर बाद वो भी अपना सारा दर्द भुलाकर मेरा साथ देने लगी.. वो भी अपनी पहली चुदाई का मजा लेने लगी और अपनी गांड को उठाकर उछलने लगी और आज मैंने उसकी चूत की सील तोड़ ही दी थी जो मेरा एक सपना बन चुकी थी.

फिर में भी उसकी दोनों जांघो को पकड़कर उसे धक्के पर धक्के देने लगा.. लेकिन उसकी पहली चुदाई के साथ साथ यह मेरी भी पहली चुदाई थी और अब मुझे भी थोड़ा थोड़ा दर्द होने लगा था.. लेकिन उस चूत में सामने ऐसे हजारों दर्द कुरबान और में बिना दर्द की परवाह किए उसे चोदता रहा और वो चुदवाती रही.

फिर करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद अचानक से मेरी स्पीड बढ़ गई और मुझमें जोश आ गया.. शायद वो मेरे झड़ने का संकेत था और हुआ भी वही में करीब चार-पांच धक्को के बाद झड़ गया. तभी मुझे लगा कि मेरे शरीर से एकदम से मेरी जान निकल गई और में कुछ सैकिंड के लिए रुक गया.

फिर जोर की एक धार उसकी चूत में छोड़ी और दोबारा चोदने लगा.. लेकिन मेरी शक्ति अब मुझसे से निकल चुकी थी और में बस ऐसे ही धक्के देता रहा. फिर वही हाल उसका भी था वो अपनी पहली चुदाई से जितना खुश थी उतना ही उसको दर्द भी था. उसकी चूत अब फट चुकी थी और उससे खून बहने लगा था और उसको यह सब कुछ पता था फिर भी वो चुदाई में व्यस्त थी.

फिर कुछ देर बाद में थककर उसके ऊपर ही पड़ गया और सोचने लगा कि में एक हसीन सपने में हूँ और बूब्स चूसने लगा और वो मुझे कमर से सहला रही थी.. शायद वो अपनी इस चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट थी. फिर में अपनी नींद से जागा और मैंने उठकर लंड चूत से बाहर किया और फिर बाथरूम में जाकर साफ किया. फिर वो भी उठी.. लेकिन उसकी चाल में बहुत फर्क था वो थोड़ा लंगड़ाकर चल रही थी और मैंने उसे सहारा दिया और वो दोबारा नहाने लगी और में बेड पर लेटा रहा और उसके आने का इंतजार करने लगा.

फिर उसने अंदर आकर बेडशीट हटा कर दूसरी बिछा दी. तो दोस्तों यह थी मेरी पहली चुदाई की कहानी जिसमे मैंने अपनी मेडम को चोदा.. लेकिन उसके बाद वो मेरी आधी लाईफ पार्टनर बन चुकी थी और में भी उसका और हमे जब भी मौका मिलता पढ़ाई के साथ साथ चुदाई भी करते. वो अब मुझे हमेशा सभी बच्चो से अलग ही पढ़ाती है. बिल्कुल अकेले ताकि हम चुदाई का भी पाठ पढ़ सके.. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
That normally occurs during fitness models porn. product prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. 12 weeks female akc registered potty trained and very friendly.