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भाभी की बेटी ने चूत दी Nude free sex story

भाभी की बेटी ने चूत दी Nude free sex story

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विक्की सिंह है.
मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ और अंतर्वासना का नियमित पाठक हूँ.

मैं अंतर्वासना की इस सेक्स कहानी को पहली बार लिख रहा हूँ.
मुझे कुछ अनुभव नहीं है, अगर इसमें कोई गलतियां हों तो क्षमा करना.

कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन भाभी की लड़की राखी को पहली बार चोदा और उसे चोदने के बाद मुझे जो अनुभव हुआ, वह बहुत अच्छा था.

मैं शादीशुदा हूँ और पड़ोसन की लड़की राखी ने मुझे इसलिए पसंद किया क्योंकि वह खुद चाहती थी कि मैं ही उसे पहली बार चोदूँ.

उसने मुझे बताया था कि वह किसी अनुभवी आदमी से ही पहली बार चुदवाना चाहती है क्योंकि उसे चुदाई करवाने की बहुत चुल्ल है.

मैंने उससे विस्तार से पूछा कि यह चुल्ल क्यों हो गई?
तो उसने बताया था कि उसकी मम्मी, पापा के साथ चुदाई करती थीं और वह उन दोनों की चुदाई को चुपके से देखती थी. मम्मी पापा की चुदाई देखते-देखते उसकी सेक्स की भूख बढ़ गई. उसे पता ही नहीं चला कि कब उसने अपनी चूत में उंगली डालना शुरू कर दिया.

राखी ने मुझे बताया था कि पापा-मम्मी की चुदाई देखकर वह उत्तेजित हो जाती थी और उसी समय अपनी चूत में उंगली डालती थी.

राखी ने ब्लू फिल्में भी देखी हुई थीं, जिनसे उसकी कामवासना कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी और वह जल्द से जल्द अपनी चुत में किसी अनुभवी का लंड लेना चाहती थी.

बाद में उसने मुझे बताया था कि उसकी बहन भी उसके साथ में लेस्बियन सेक्स करके एक मस्त माल बन गई है.

आज मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि मैं अब आपको बता सकता हूँ कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन की लड़की (परिवर्तित नाम) राखी को चोदा.

उस वक्त राखी की पढ़ाई पूरी हुई ही थी और वह 18 साल की हो गई थी.
वह बहुत ही रसीली लौंडिया है. उसके दूध गांड आदि मस्त उभरे हुए हैं.

दरअसल राखी का मेरे घर आना-जाना नियमित था.
जब वह मेरे घर आती थी तो मुझे जरूर देखती थी.
लेकिन मैं अपने कामों में ही व्यस्त रहता था और कभी उसकी ओर देखता ही नहीं था.

चूंकि वह मेरे सामने ही जवान हुई थी तो मैंने कभी भी उसको सेक्स की नजर से नहीं देखा था.

बाद में जब हालात कुछ सेक्स की नजर वाले बने तो मैं पाया कि राखी का फिगर बहुत अच्छा था.
वह गोरी, एकदम मस्त माल थी.

राखी मजाक-मजाक में मुझे कुछ भी बोल देती थी, मैं कभी उसकी बात का बुरा नहीं मानता था.

एक दिन उसने मुझे बोला- आप कैसे अपनी बीवी को इतना खुश रखते हो?
उसके मुँह ये सुनकर मुझे न जाने क्यों बहुत अच्छा लगा और मैंने राखी से बात करना शुरू कर दिया.

मैंने राखी से उसका फोन नंबर मांगा तो उसने बेहिचक अपना मोबाइल नंबर दे दिया.
मैं उससे बातें करने लगा था.

हम दोनों मैसेज पर भी बात करते थे तो हंसी मजाक वाले चुटकुलों से शुरू हुई चैट आखिर में हल्के फुल्के सेक्स जोक तक पहुँच गई.
उसे एडल्ट जोक पढ़ना पसंद आते थे तो वह भी मुझे खुले खुले जोक भेजने लगी थी.

धीरे धीरे वह मुझे मादरचोद बहनचोद वाली रीलों की लिंक भेजने लगी.
उसमें गालियों की भरमार देख कर मैं समझ गया कि इसकी चुत लंड के लिए कुलबुलाने लगी है.

अब फोन पर वह मुझसे इधर-उधर की बातें करने लगी थी.
उसने स्कूल जाना भी बंद कर दिया था क्योंकि उसके पापा को लगता था कि कोई लड़का उसे खराब न कर दे मतलब उसे चोद न दे.

उसके घर में उसकी माँ, पिताजी, दो भाई और दो बहन थीं.
राखी सबसे बड़ी थी.

मैं राखी से नियमित बात करने लगा था, तो उसे बहुत अच्छा लगने लगा था.

धीरे-धीरे मैंने उससे सेक्सी बातें करना शुरू कर दिया और उसे भी बहुत मजा आने लगा.

ये बात इन दिनों की सर्दियों की है.

एक दिन राखी ने मुझे फोन करके बुलाया- आज मेरे घर आ जाओ, घर पर कोई नहीं है. मैं आपसे कुछ पर्सनल बात करना चाहती हूँ.
मैं कुछ कुछ समझ तो गया था कि इसकी टांगों के बीच में कुछ चुनचुनी हो रही है और शायद मुझे भी इसकी सीलपैक बुर का स्वाद मिल जाए.

यही सब सोच कर मैं अपने लौड़े की साफ सफाई करके उसके घर में दिन में चला गया.

लेकिन उसका भाई स्कूल से आ गया तो बात बन नहीं पाई और मैं लौट आया.

दूसरे दिन फिर से उसका फोन आया- आज घर पर कोई नहीं है, आप आ जाओ.

मैंने उसके भाई की पूछी तो वह बोली- आज वह मम्मी पापा के साथ गया है और शायद रात को मम्मी पापा घर न आ पाएं. वे लोग अपने आने या न आने का फोन करेंगे.

यह सुनकर मैं खुश हो गया और उसके घर गया तो गेट खुला हुआ था.
मैं उसे धीमी आवाज में पुकारता हुआ अन्दर गया- राखी … किधर हो?

उसने कोई जबाव नहीं दिया तो मैं अन्दर घुसता चला गया.
जब मैं अन्दर वाले कमरे में गया तो वह अपने बेड पर चादर ओढ़ कर लेटी हुई थी.

मैंने कहा- क्या हो गया राखी तुमको? तुम ऐसे लेटी हो, कोई परेशानी है तो मैं तुमको दवा दिला देता हूँ!

उसने बोला- दवा की जरूरत नहीं है, आपकी जरूरत है. पहले आप दरवाजा बंद कर आओ.

ये सुनते ही मेरे तो खुशी के मारे पैर उड़ गए.
मैं समझ गया कि आज लौंडिया चुदासी है.

मैं जल्दी से वापस गया और दरवाजा बंद करके कुंडी लगा आया.

वापस आकर मैंने उसकी चादर को हटाया तो वह बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी.
उसका नंगा बदन देखकर मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया.

दोस्तो, मैं बता दूँ … मेरा लंड काफी लंबा व मोटा है. एक बार जो भी औरत मेरे लवड़े से चुदवाती है, उसे मेरा लंड बहुत अच्छा लगता है. वह बार बार मुझसे चुदने को मचलती है. मैं भी उसकी सेक्स की भूख को अच्छे से मिटा देता हूँ.

जब मैंने राखी को एकदम नंगी देखा तो मुझसे रहा नहीं गया.
मैंने तुरंत बिस्तर में लेट कर उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
राखी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

वह न्यूड थी तो कपड़े उतारने का कोई झंझट ही नहीं था.
मैं कभी उसके एक दूध को पीता और दूसरे को अपनी मुट्ठी में भर कर भींचने लगता.

कभी मैं उसके होंठों को चूसता.
वह भी कामातुर होकर मेरा साथ दे रही थी.
मैंने उससे कहा- बड़ी चुदासी हो रही हो?

वह अपने एक दूध को मेरे मुँह में देती हुई बोली- आप इसे चूसो और दूसरी को मसलों … मुझे बड़ी आग लगी है और मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे जल्दी से मेरी प्यास बुझ जाए!
मैंने उससे बात करने की बजाए अब सिर्फ उसके दूध चूसना और मसलना चालू किया.

करीब 15 मिनट तक हम दोनों का चूसना चाटना चला.

फिर मैं अपने हाथ को नीचे ले गया और उसकी चूत को टटोलने लगा.
एकदम चिकनी चमेली चुत थी उसकी और साफ समझ आ रहा था कि उसने अभी मेरे आने से पहले ही चुत से झांटों को साफ किया है.

वह बोली- है चिकनी?
मैंने कहा- ये तो तुमने शायद कल भी चिकनी की होगी?

वह हंस दी और बोली- लेकिन आज फिर से वीट क्रीम लगा कर चिकनी की है और आज मैंने इसमें एक मस्त चीज भी लगाई है!
मैंने उसे चूमते हुए पूछा- क्या मस्त चीज लगाई है मेरी बुलबुल?

वह इठला कर बोली- वह तो आपको खुद ही मालूम करना पड़ेगा!
मैंने कहा- हां मैं अभी मालूम किये लेता हूँ.

यह कह कर मैं नीचे आ गया और उसकी टांगों को फैला कर उसकी चिकनी चुत पर अपनी नाक लगा कर सूंघा. आह … उसमें से स्ट्राबेरी जैसी खुशबू आ रही थी.
मैंने अगले ही पल अपनी जीभ उसकी लिसलिसाती हुई बुर में लगा दी.

वह सिहर उठी और एकदम से आह कह कर उसने मेरे बाल पकड़ लिए.
मैंने उसकी चुत को पूरी तन्मयता से चाटना चालू किया और वह भी अपनी गांड उठाती हुई मेरे मुँह में चुत घुसेड़ने की कोशिश करने लगी.

मैं उसकी चूत को जीभ से किसी कुत्ते की तरह चूसने लगा था … मुझे मस्त स्वाद आ रहा था.

कुछ ही देर बाद मैं उसकी गांड के नीचे अपने दोनों हाथ लगा कर उसकी चुत को उठाते हुए चुत का रस चाटने लगा.
वह भी कामुक होकर मेरे सर को चुत में दबाने लगी.

मैं भी उसकी बेताबी को समझ रहा था कि आज इसकी चुत को पहली बार किसी मर्द की जीभ से चटाई मिली है.

कुछ ही देर में वह अकड़ने लगी.
मैं समझ गया कि अब उसकी चुत में से रस निकलने वाला है.

वह झड़ने वाली हो गई थी और उसके कंठ से आह आह की थरथराती हुई आवाज निकलने लगी थी.

जैसे ही उसकी चुत से स्खलन शुरू हुआ, मैंने अपना मुँह उसकी चुत पर ढक्कन के जैसे लगा दिया और मैं उसकी बुर का पूरा नमकीन रस पीता चला गया.

कुछ ही देर में चुत को साफ करके मैं उसे वासना से देखने लगा.

राखी निढाल स्वर में कहने लगी- मेरी चूत में अब आप अपना लंड डाल दो, मैं अब आपके लंड के बिना रह नहीं सकती!

मैंने भी देर न करते हुए अपना लंड उसकी चूत में अपने हाथों से सैट कर दिया.
वह मुझे देख कर अपने होंठ गोल करके पुच्ची देने लगी.

मैंने आंख दबा कर उसे इशारा किया तो वह हां में सर हिलाने लगी.
मैंने उसकी गीली चुत में अपने सुपारे को फंसा कर धीरे से पेल दिया.

उसकी मां चुद गई और वह अपनी म मुट्ठियां भींच कर दर्द से तड़फने लगी.
मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ जमाए और एक तगड़ा झटका दे मारा.

उसकी पूरी बॉडी किसी बिन पानी की मछली के जैसे फड़फड़ाने लगी.
मैं पुराना चोदू था तो मुझे मालूम था कि सीलपैक चुत को चोदने में किस तरह से चुदाई करना चाहिए.

कुछ देर के दर्द के बाद वह लंड झेलने लगी और मैं उसे गपागप चोदने लगा.

वह दर्द सहती हुई मेरे लंड से चुदती जा रही थी.
मेरे बमपिलाट झटकों से उसके दोनों दूध गजब हिल रहे थे और मैं उसे जिम की डिप्स लगाने वाली पोजीशन में उसे रौंद रहा था.

इस बीच वह एक बार फिर से झड़ चुकी थी.

करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मेरे लंड का पानी निकलने वाला था.
मैंने बोला- क्या करूँ बताओ लंड के पानी को किधर डालूँ?

उसने बोला- मेरी चूत में छोड़ दे मेरी जान!
मैंने छोड़ दिया.

इस तरीके से मैंने राखी को पहली बार चोदा.
ये उसकी पहली चुदाई थी.
उसे चुदाई का पहला अनुभव बहुत अच्छा लगा.

आज भी राखी की याद में मैं कई बार मुठ मारता हूँ और अपनी बीवी को भी राखी बना कर चोद देता हूँ.
अब उसकी शादी हो गई है और एक उसकी बच्ची भी है.

मुझसे फोन पर बात करती हुई वह कहती है कि अगला लड़का आपसे ही करूँगी.
लेकिन अभी तक उसने मुझे चुदाई का मौका नहीं दिया.

मुझे इंतजार है कि वह जब भी आएगी, वह मुझसे चुदेगी क्योंकि मैं उसे अपनी बीवी मानता हूँ.

मुझे इंतजार है कि जब भी राखी आएगी, तो वह मुझसे चुदकर बीवी होने का फर्ज निभाएगी.
मेरी उससे फोन पर बात होती रहती है और वह मुझे सेक्सी बातें करती रहती है.

उसने बोला था- तुम मेरी छोटी बहन को भी चोद सकते हो.
लेकिन मुझे उसकी छोटी बहन की चुदाई में कोई इंटरेस्ट नहीं है. वह अभी पढ़ाई कर रही है. जो बात राखी में है, वह उसकी छोटी बहन में नहीं है.

दोस्तो, मैं आपको बताना भूल गया कि उसकी जो मम्मी हैं. उनका फिगर भी काफी मस्त और कसा हुआ है.

वे भी मुझे बहुत पसंद करती हैं और मुझसे फोन पर सेक्सी बातें करती हैं, क्योंकि उनके पति बाहर रहते हैं. वे 6 महीने में घर आते हैं.

हालांकि मैंने अभी तक उनको चोदा नहीं है.
मुझे पक्का लगता है कि राखी की मम्मी भी मुझसे चुदना चाहती हैं, लेकिन जब तक उनकी तरफ से कोई शुरुआत नहीं होती है, तब तक मैं पहल नहीं करूंगा.

अंतर्वासना पर मैं नियमित पाठक हूँ. मुझे इसकी कहानियां बहुत अच्छी लगती हैं और ग्रुप सेक्सी वीडियो देखना भी बहुत अच्छा लगता है.

1 Comments Text
  • Monika says:

    Xxx chudao

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