मेरा नाम शिल्पा है।
मैं राजस्थान के अलवर की रहने वाली हूं।
मेरा रंग गोरा है और मेरा कद 5’4 है। मेरी कमर 32 और सीना 34 है।
मैं अभी एक कॉलेज की छात्रा हूं।
मैं आज तक सिर्फ अपने बॉयफ्रेंड से चुदी हूं और मैं बहुत लॉयल भी हूं।
मैंने एक महीना पहले ही योग करना शुरू किया है।
मेरा योग शिक्षक रोज़ मेरे घर आकर एक घंटे तक मुझसे योग करवाता है।
उसका कद 5’8″ है और उम्र में वह मुझसे 4 साल बड़ा है।
उसके बाल बहुत सुंदर और रंग गोरा है।
आज मैं घर पर अकेली थी।
वह रोज सुबह 9 बजे मेरे घर आता है।
घड़ी में कुछ 8 बजे थे तो मैं नहाने चली गई।
थोड़ी देर में घर की घंटी बजी.
तो मैंने जल्दी से एक स्लीवलेस सफेद रंग का टॉप और शॉर्ट्स पहन लिया।
मुझे बाल सुखाने का भी समय नहीं मिला।
मैंने दरवाजा खोला तो सामने रोहित खड़ा था।
मैंने पूछा, “आज इतनी जल्दी कैसे?”
उसकी नज़र सिर्फ मेरे चुचों पर थी, जो कि बहुत अच्छे से दिख रहे थे और इस सफेद टॉप में काफी बड़े भी लग रहे थे।
उसने कहा, “आज मुझे शाम में कहीं बाहर जाना है, इसलिए जल्दी आ गया।”
मैंने उसे अंदर आने को कहा।
मैंने कहा, “आप 5 मिनट रुकिए, मैं बस अभी कपड़े बदल कर आती हूं।”
मैं जाने ही वाली थी कि मैंने पूछा, “इन कपड़ों में भी तो कसरत हो सकती है ना?”
मुझे उसका लंड पहले ही उभरा हुआ दिख गया था।
उसने बिना देरी किए बोला, “हां, हो सकती है, अगर तुम्हें इसमें कोई दिक्कत ना हो तो!”
वह मेरे इरादे समझ गया था।
मैं उसे ऊपर अपने कमरे में ले गई और वह मेरे पीछे-पीछे चल रहा था।
उसकी नज़र सिर्फ मेरी गांड पर थी।
कमरे में आकर मैंने पर्दे सही किए।
अब हम कसरत शुरू करने वाले थे तो उसने कहा- पहले थोड़ी स्ट्रेचिंग करेंगे।
मैंने उसे कहा कि मैं बहुत जल्दी में आई थी तो बाल सुखाने का मौका नहीं मिला।
उसने कहा, “तुम पहले बाल सुखा लो!”
वह बिस्तर पर जाकर बैठ गया और अपना फोन चलाने लगा।
मैं भी कमरे में ही उसको पीठ दिखाकर शीशे के सामने खड़ी हो गई और तौलिये से बाल सुखाने के लिए थोड़ा नीचे झुकी।
उसका सारा ध्यान अपने फोन से हटकर मेरी गांड पर चला गया।
वह मुझे देखता रहा और अपना लंड भी सहलाने लगा।
मुझे कांच में यह सब दिख रहा था।
फिर बाल सुखाकर हमने कसरत शुरू की।
उसने मुझसे पहले झुककर पैर छूने को कहा।
मैं झुकी तो उसने कहा, “घुटने मत मोड़ो!”
पर आज मैं उसे परेशान करना चाहती थी तो मैंने जानबूझकर घुटने मोड़ दिए।
वह कहने लगा, “इतने दिनों से कर रही हो, अब तक नहीं सीखी!”
मैंने उदास होते हुए कहा, “आप डांट क्यों रहे हैं? प्यार से भी तो कह सकते हैं ना!”
तो उसने मुझसे कहा, “अच्छा सॉरी! अब प्यार से बात करूंगा।”
वह नीचे होकर थोड़ा बैठा और मेरी जांघों को पीछे से पकड़ा ताकि मेरा पोस्चर बिगड़े नहीं।
वह मेरी गांड के अब और भी पास आ चुका था।
फिर उठते वक्त उसने अपने हाथ सरकाते हुए जांघ से गांड तक ऊपर लाए और फिर हटाया।
फिर मैंने हाथों को हवा में खींचकर कसरत शुरू की, जिसे मैं जानबूझकर गलत कर रही थी।
उसने कहा, “आज पता नहीं तुम चाहती क्या हो, सही से कुछ नहीं कर रही!”
मैंने कहा, “आप प्यार से बात करने वाले थे ना?”
उसने कहा, “अरे बाबा सॉरी!”
फिर उसने मेरी कमर से मुझे पकड़कर मेरी पोस्चर बनाने में मदद की।
वह मेरे बहुत करीब आ चुका था।
मेरे चुचे उसकी आंखों के सामने थे।
उतने में ही मेरा बैलेंस नहीं बन पाया और मैं उसके पास आ गई।
मेरे चुचे अब उसे छू चुके थे और उसका लंड मुझे महसूस हो रहा था।
उसने मुझे कहा, “अरे संभाल कर!”
उसका इतना टाइट लंड महसूस करके मुझसे रहा नहीं जा रहा था।
पता नहीं वह अभी तक कैसे खुद को रोक रहा था। शायद वह मुझे आज़माना चाहता था।
उसका हाथ मेरी कमर पर आ चुका था और उसने मुझसे कहा, “तुम्हारे पेट की चर्बी साइड से थोड़ी ज्यादा हो गई है, हमें उसे भी कम करना चाहिए।”
अब हमने दूसरी कसरत शुरू कर दी।
वह मेरे पीछे खड़ा था, पर बहुत पास होकर।
कसरत करते हुए मैंने उससे पूछा, “क्या वाकई में बहुत ज्यादा चर्बी है? मुझे परफेक्ट बनने के लिए क्या करना होगा?”
तो उसने बोला, “ऐसे तो तुम्हारा फिगर बहुत अच्छा है, लेकिन तुम्हारे चुचे थोड़े और सुडौल हो सकते हैं।”
मैंने पूछा, “वो कैसे होंगे?”
उसके हाथ मेरी कमर से होते हुए मेरे चुचों की तरफ बढ़ने लगे और उन्हें धीरे-धीरे मसलने लगा।
मैंने जल्दी से उसके हाथों को हटा दिया और पानी की बोतल लेने के लिए आगे बढ़ गई।
वह नहीं रुका, मेरे पीछे-पीछे आया और मुझे पीछे से पकड़ लिया।
कहने लगा, “कसरत नहीं करनी क्या?”
मैंने कहा, “करनी है ना, पर शायद मेरे चुचे पहले से ही बहुत अच्छे हैं और इसीलिए मेरे बॉयफ्रेंड को बहुत पसंद हैं!”
तो वह कहने लगा, “वह शायद तुम्हारा दिल नहीं दुखाना चाहता, इसलिए ऐसा कहता है।”
उसके हाथ मेरे चुचों को फिर से दबाने लगे।
मैंने कहा, “जो आप कर रहे हैं, वह मेरा बॉयफ्रेंड आपसे बहुत बेहतर करता है! इसलिए हाथ हटाइए और कसरत पर ध्यान दीजिए!”
यह सुनकर उसे गुस्सा आने लगा और वह मेरी गर्दन पर किस करने लगा।
मैं भारी-भारी सांसें लेने लगी।
मेरे चुचे ऊपर-नीचे होने लगे.
और उसने हाथ टॉप के अंदर डाल दिए।
मैंने फिर से उसके हाथ हटा दिए और उसके सामने मुड़ गई।
उसने कहा, “और भी बहुत कुछ होता है, क्या तुम्हारा बॉयफ्रेंड उसमें भी बेहतर है?”
मैंने कहा, “वह तो करके देखना पड़ेगा!”
उसने मेरा टॉप निकाल दिया और मेरी चुचियों को चाटने लगा।
मेरे निप्पल बहुत टाइट हो चुके थे।
उसकी जीभ जो कमाल मेरे चुचों पर कर रही थी, वह तो मेरे बॉयफ्रेंड की जीभ कभी मेरी चूत पर भी नहीं कर पाई।
मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने उसकी पैंट में हाथ डालकर उसके लंड को पकड़ लिया।
इतना बड़ा लंड और इतना मोटा! वह कम से कम 6 इंच का तो था ही।
मैंने रोहित को धक्का देकर पीछे किया और नीचे घुटनों के बल बैठ गई।
उसकी पैंट नीचे की और उसके लंड को चूमने और चाटने लगी।
मुझे लंड चूसने का मजा आने लगा.
वह आहें भरने लगा।
फिर बिना देरी किए मैंने उसका लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी।
वह पागल हो गया और बोला, “तुम कितना अच्छा करती हो! कितनों पर प्रैक्टिस कर रखी है?”
मैंने कहा, “तुम पहले हो जिसके लिए मैं अपने बॉयफ्रेंड को भी धोखा दे रही हूं!”
मैंने उसके पूरे लंड को मुंह में लेकर चूसने के साथ-साथ हाथ से भी हिलाना शुरू किया।
उसने पूछा, “क्या सारा माल निगलोगी?”
मैंने मना कर दिया, तो उसने अपना सारा माल मेरे चुचों पर छोड़ दिया।
वह रुकना नहीं चाहता था और ना ही मैं!
उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे शॉर्ट्स उतार दिए।
मेरी चूत एकदम साफ, चिकनी और बहुत गीली हो चुकी थी।
मेरी चूत देखने के बाद तो वह मानो पागल ही हो गया और उसे चाटना और चूसना शुरू कर दिया।
फिर उसने एक हाथ से मेरे चुचे मसले और उस माल को मेरे चुचों पर अच्छे से फैला दिया।
दूसरे हाथ की दो उंगलियां एक साथ मेरी चूत में डाल दीं।
मुझे बहुत मज़ा आने लगा, मैं ठंडी आहें भर रही थी जिससे वह और उत्तेजित हो गया।
वह और ज़ोर से मुझे उंगली करने लगा और मैं पूरी तरह बह चुकी थी।
पर हमारा रुकने का मन नहीं था।
मैं उसका लंड महसूस करना चाहती थी और वह भी मेरी चूत का दीवाना हो चुका था।
गरम लड़की की चूत चुदाई शुरू करते हुए उसने बिना किसी देरी के मेरी चूत में अपना लंड डाला और पूरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया।
मेरी चूत इतनी गीली थी, फिर भी उसका लंड बहुत टाइट और सुखद लग रहा था।
उसने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू किया और मुझे चूमने लगा।
2 मिनट बाद उसने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाए और मेरी चीखें निकलने लगीं।
सच में, इतना मज़ा मुझे कभी अपने बॉयफ्रेंड के साथ भी नहीं आया।
मेरी टांगों ने उसे कस कर पकड़ लिया ताकि वह और अंदर तक जा सके।
उसने जो तबाही मेरी चूत में मचाई थी, उसमें मुझे सबसे ज्यादा सुख मिला।
उसका लंड बैठने को तैयार नहीं था और मेरी चूत उसे बाहर जाने देने के लिए तैयार नहीं थी।
फिर हमने ‘डॉगी स्टाइल’ में किया।
उसने मुझे कमर से पकड़ कर मेरी चूत को चोदा।
वह मेरी गांड भी छेड़ना चाहता था, पर मेरी गांड का छेद बहुत छोटा है।
इसलिए चूत चोदने के साथ ही उसने मेरी गांड में उंगली करना शुरू कर दिया।
मैंने पहले कभी गांड में उंगली नहीं करवाई थी।
मेरी गांड और चूत दोनों ही चरमसुख का आनंद एक साथ पहली बार उठा रही थीं।
फिर हम दोनों ने एक बार फिर से माल निकाल दिया.
पर इस बार उसने सारा माल मेरी चूत के अंदर ही निकाला।
फिर हम नंगे एक-दूसरे के पास लेट गए।
उसने मुझसे कहा, “तुम वैसे तो बहुत छोटी हो, लेकिन लंड चूसने की कला में तुम्हारा कोई जवाब नहीं है! आज से हम रोज सेक्स करेंगे और यही तुम्हारा असली योगा है! और मैं ही तुम्हारे चुचों को और सुडौल बनाऊंगा।”
इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता है, हम सेक्स करते हैं।
2 से 3 बार मैं उसके घर भी गई हूं और उसने मुझे बहुत मज़े से चोदा है।
मैं उसे रोज चुदना चाहती हूं।