दोस्तो, मेरा नाम राज है और आज मैं आपके लिए एक नई सेक्स कहानी लेकर आया हूँ, जो मेरे एक पाठक की मां की है.
मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरी पिछली सेक्स कहानी की तरह आप मेरी इस कहानी को भी उतना ही प्यार देंगे.
तो चलिए शुरू करते हैं – चूत चुदाई की कहानी, जिसने लंड को अपने हाथों से अपनी चूत पर रखा और उस पर बैठकर उछल-उछल कर चूत चुदवाई.
यह सब उसकी जुबानी सुनें, जिसने सेक्स होते देखा.
दोस्तो, मेरा नाम इरफ़ान है और आज मैं आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वह मेरी मां की कहानी है जो मैंने अपनी आंखों से देखी है.
कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको मेरी मां के बारे में बताता हूँ.
उनका नाम सलमा बेगम है और उनकी उम्र अभी 50 साल की है, पर अभी भी वह 35 की दिखती हैं.
उनकी फिगर 34-30-36 की है.
अभी 6 महीने पहले मेरे अब्बू का देहांत हुआ था.
तब से मेरी मां अकेली पड़ गई थीं.
इसी बीच हम एक बार गांव में हमारे रिश्तेदार के यहां शादी में गए थे.
हम बस से जा रहे थे, तभी बीच में हमें एक अंकल मिले, जो पापा के दूर के रिश्तेदार थे.
अंकल नशेड़ी टाइप के दिखते थे … लम्बे-चौड़े और हमेशा धोती पहने रहते थे.
मेरी मां उसी अंकल के लंड से चुद गईं.
हम जब शादी वाले घर पहुंचे, तब सभी ने वहां हमारा अच्छे से स्वागत किया.
शादी की रस्मों में हम सब शरीक हुए.
तभी मैंने देखा कि अंकल मेरी मां को घूरे जा रहे थे और उनके करीब रहकर उनसे कुछ भी बहाने से बात कर रहे थे.
मेरी मां भी उनसे हंस-हंस के बातें कर रही थीं.
मुझे कुछ अजीब नहीं लगा इसलिए मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.
पर रात होने के बाद जब मैं घर के पीछे बाथरूम जाने लगा, तब मुझे खेत से पहले मेरी मां और बाद में पीछे से अंकल निकलते हुए दिखाई दिए.
अंकल अपनी धोती सही करते हुए बाहर निकल रहे थे.
मां चुपके से घर में जाकर सब लोगों में मिल गईं और अंकल भी.
मां से एक औरत ने पूछा- कहां गई थीं?
तब मां अंकल की तरफ़ देखते हुए बोलीं- किसी को कुआं देखना था डुबकी लगाने के लिए, इसलिए इसे कुआं दिखाने गई थी.
यह कह कर वे हंसने लगीं.
तभी वह औरत मां से बोली- क्या उसने कुएं में डुबकी लगाई?
तो मां ने कहा- हां लगाई ना … बहुत गहरी डुबकी लगाई!
यह सब सुन कर वे अंकल भी हंसने लगे.
तभी अंकल बोले- कुंए का पानी बहुत मीठा है.
यह सुन मां भी मुस्कुरा दीं और अंकल ने उनकी सहेली के सामने मां की ओर मां की पैंटी मां को पकड़ा दी, जिसे मां ने शर्माते हुए ले लिया.
मैं चुपचाप उनकी बातें सुनने लगा.
दूसरे दिन शादी थी तो सभी लोग शादी के लिए निकल गए.
उस दिन मां ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी.
शादी एक हॉल में थी और सभी लोग शादी एंजॉय कर रहे थे.
मां दुल्हन के साथ थीं.
तभी वह अंकल आए और उन्होंने मां से धीरे से कुछ कहा और शादी के हॉल के पीछे चले गए.
थोड़ी देर बाद मां को मैंने अंकल के पीछे जाते देखा तो मुझे शक हुआ और मैं भी उनके पीछे चला गया.
हॉल के पीछे एक बंद कमरा था.
मां को आता देख अंकल मां के पास आए और मां को गोद में उठाकर अन्दर कमरे में ले गए.
मां ने सिर्फ़ शर्मा कर उनके गले में अपनी बांहों का हार डाल दिया और दोनों अन्दर चले गए.
मैं झट से खिड़की के पास चला गया और अन्दर देखने लगा.
अंकल मां को किस कर रहे थे और उनकी साड़ी पूरी ऊपर करके उनकी पैंटी में हाथ डालकर उनकी चूत मसल रहे थे.
तभी मां ने अंकल को नीचे बिठा दिया और अंकल ने मां की पैंटी उतार दी.
अंकल मां की साड़ी के अन्दर घुसकर मां की चूत कुत्ते की तरह चाटने लगे.
अंकल ने दस से पंद्रह मिनट तक मां की चूत का रस पीकर मां को मस्त कर दिया.
फिर मां ने अंकल की धोती खोली और उनका लंड चूसने लगीं.
अंकल मां के बाल पकड़कर मां से अपना लंड चुसवाने लगे.
बहुत देर लंड चुसवाने के बाद अंकल मेरी मां के मुँह में झड़ गए.
मेरी मां ने अंकल के लंड का पूरा पानी पी लिया और लंड अच्छे से साफ़ किया.
फिर अंकल मेरी मां को वापस किस करने लगे और मां की साड़ी ऊपर करके उनकी चूत को मसलने लगे.
चूत में उंगली करके चूत को अन्दर से रगड़ने लगे.
मां अंकल का लंड पकड़ कर आगे-पीछे करने लगीं, जिससे अंकल और मां जल्दी गर्म हो गए.
अंकल ने सीधा मां का एक पैर उठाया और मां ने लंड चूत पर रखा.
अंकल ने एक झटके में मां की चूत में अपना लंड उतार दिया, जिसमें मां की एक चीख निकली.
अंकल मां की चूत में लंड घुसाने के साथ ज़ोर-ज़ोर से मां को चोदने लगे, जिससे रूम में ‘थप-थप-थप’ की ज़ोरदार आवाज़ आने लगी.
बाहर बारात में ज़ोर से गाने बजने लगे और मां चुदाई से कराहने लगीं … आवाज़ निकलने लगीं.
चुदाई खड़े होकर चल रही थी इसलिए मां को खड़ा रहना मुश्किल होने लगा.
यह समस्या जान कर अंकल ने मां का पहले पैर की तरह दूसरा पैर भी ऊपर उठा लिया.
अब मां का पूरा वज़न अंकल के लंड पर था और मां अंकल को बांहों में जकड़ी हुई थीं.
मेरी मां की अंकल पूरा हवा में उठाकर उनकी चुदाई करने लगे.
अंकल ने 5 मिनट तक ऐसे मां को चोदा.
फिर घोड़ी बनाया और पीछे से मां की चूत में लंड घुसाकर उनकी जबरदस्त चुदाई की.
जब झड़ने की बारी आई तब मां की कमर कसके पकड़ ली और पूरा लंड मां की चूत में खाली कर दिया.
मां की प्यास बुझा कर वे मां के ऊपर पड़े रहे और थोड़ी देर बाद लंड सिकुड़ कर बाहर आ गया.
लंड का पानी मां की चूत से होते हुए उनके पैरों में आ गया, जिसको मां ने अपनी पैंटी से साफ़ किया.
अंकल का अभी और चोदने का मन था इसलिए अंकल ने मां की दोस्त से फोन किया और कहा- सलमा मेरे साथ है 3 घंटे तक तू संभाल ले!
इतना कहकर उसने मां को पूरी नंगी कर दिया और फिर से नंगी मां को किस करने लगे.
दोस्तो, उन 3 घंटों में अंकल ने मां को उठा-उठाकर, सुलाकर, अलग-अलग तरीके से 4 बार चोदा … जिसमें मेरी मां की हालत खराब हो गई.
चुदाई के बाद दोनों ने अपने-अपने कपड़े सही किए और चुपके से शादी में आकर बैठ गए … जैसे कुछ हुआ ही नहीं.
तभी मां की सहेली उनके पास आई और उनको कुछ कहा, जिसे सुन मां शर्मा गईं और दोनों हंसने लगीं.
तभी मैंने शादी में आए लोगों से सुना कि सब लोग ये कह रहे थे कि उस बुड्ढे ने इस माल को यानि मेरी मां को जमकर रात में चोदा और अभी भी साला उसकी चूत मार के आया है!
सब लोग हंसने लगे.
यह सुन कर मैं भी अन्दर से खुश हुआ.
अब मां को जब भी ज़रूरत होती है, अंकल को गांव से बुला लेती हैं और अंकल 3-4 दिन हमारे घर रुक जाते हैं.
वे दोनों पूरा पूरा दिन चुदाई का मजा करते हैं.
आपको मेरी मां की चुदाई की कहानी कैसी लगी?