• Home
  • Sali Sex
  • साली की कुँवारी चूत – jija sex story
साली की कुँवारी चूत - jija sex story

साली की कुँवारी चूत – jija sex story

साली की कुँवारी चूत – jija sex story सेक्स स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत है,मेरा नाम शेफाली है मुझे बचपन से ही कुकिंग का बहुत शौक था। मैं चाहती थी कि मैं कुकिंग में अपना कैरियर बना सकूं। मैं घर पर भी अपनी मम्मी के साथ खाना बनाने में उनकी हेल्प करती थी। एक दिन मैंने एक रेस्टोरेंट में जॉइनिंग की और मेरे साथ दो लड़के थे अतुल और सूरज हम तीनों ने साथ में ही जॉइनिंग की थी। जब हमारा रेस्टोरेंट का पहला दिन था तो हम तीनों बातें करते जा रहे थे और अचानक से में सैफ से टकरा गई और उनका मोबाइल उनके हाथ से नीचे गिर कर टूट गया। वह उस दिन मुझ पर बहुत गुस्सा हुए थे क्योंकि वह बहुत ही गुस्से वाले थे।

जब हम किचन में खाना बनाने के लिए गए तब तक सब वहां पर देखने के लिए आए कि हम कैसे काम कर रहे हैं। वह सब का काम देखने लगे और फिर मेरे पास आए। सैफ जानबूझकर मुझे डांटने लगे वह मुझे कहने लगे कि तुम्हारा खाना बनाने का तरीका सही नहीं है। उन्होंने मुझे इसी तरह से डांटा और वहां से चले गए। मुझे यह बात बहुत बुरी लगी। घर जाकर मैंने अपने दोस्तों के लिए खाना बनाया और उन्होंने मेरी बहुत तारीफ की यही खाना मैं वहां रेस्टोरेंट में बना रही थी लेकिन उन्हें मेरा खाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। इसी वजह से उन्होंने मुझे डांटा।

ये सेक्स कहानी भी पढ़े;-सेक्स की प्यासी भाभी

जब मैं दूसरे दिन रेस्टोरेंट गई तो मैंने सूप बनाकर सैफ को टेस्ट कराने की सोची। मैंने उन्हें टेस्ट करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मेरा सूप रिजेक्ट कर दिया और कहा कि ऐसे भी कोई सूप बनाता है। उन्होंने मुझे खाना बनाने के लिए मना कर दिया था और कुछ और काम पर लगा दिया। थोड़ी देर बाद हमारे रेस्टोरेंट में एक आदमी खाना खाने के लिए आया लेकिन उसे वह खाना पसंद नहीं आया। उसने वह खाना वापस भिजवा कर दूसरा मंगाने के लिए कहा। यह बात हमारे सैफ को पता चली तो उन्होंने सबसे पहले मुझे ही आकर डांटा। उन्होंने सोचा कि यह खाना मैंने ही बनाया होगा और उन्होंने इस खाने को रिजेक्ट कर दिया। मैंने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मुझे कुछ बोलने का मौका ही नहीं दिया। पहले तो उन्होंने मुझे डांटा और फिर उसके बाद उन्होंने मुझे जॉब से निकाल दिया। मुझे उस रेस्टोरेंट में सिर्फ दो दिन ही हुए थे तीसरे दिन उन्होंने मुझे वहां से निकाल दिया।

लेकिन जब यह बात उनको पता चली तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने मुझे रेस्टोरेंट के किचन में बुलाया और कहने लगे मुझसे गलती हो गई है। मुझे माफ कर दो लेकिन मैंने उन्हें माफ नहीं किया क्योंकि उन्होंने मुझे हर जगह नीचा दिखाने की कोशिश की थी। उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया और स्मूच करने लगे मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। जब वह मुझे स्मूच कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया। उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे नंगा कर दिया। मुझे यह बहुत ही अच्छा लग रहा था उन्होंने मेरी गांड को बड़ी ही तेजी से दबाना शुरु किया। जैसे ही वह मेरी गांड को दबाते तो मेरे मुंह से चीख निकल जाती। वह और तेज दबाने लगते हैं। ऐसे ही उन्होंने मेरे स्तनों को भी बड़ी तेजी से दबाना शुरु किया।

उन्होंने मुझे कुर्सी पर बैठा दिया और मेरी चूत को चाटना शुरु किया जैसे ही वह अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर तक डालते। तो मेरा पानी निकल जाता मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत मे बड़ी तेजी से घुसेड़ दिया और जैसे ही उन्होंने मेरी चूत मे अपना लंड डाला तो मेरी सांसे रुक गई। वह बहुत ही तेजी से मुझे झटका मारने लगे। जैसे ही वह मुझे धक्के मारते तो मेरा शरीर कांप जाता और पूरा बदन हिलने लगता। मेरे अंदर से एक अजीब ही तरह से कंपन हो रहा था।

सैफ बड़ी तेजी से मेरे चूत मे अपने लंड को डाले जा रहे थे। मुझे साफ साफ दिखाई दे रहा था कि वह अंदर बाहर अपने लंड को कर रहे हैं। थोड़ी देर बाद मेरा झड़ गया और सैफ ने मेरी योनि में अपने वीर्य को गिरा दिया। मुझे यह सब बहुत ही अच्छा लगा। मैंने अपने कपड़े पहने लेकिन मैंने उन्हें साफ इनकार कर दिया था कि अब मैं यहां पर काम करने वाली नहीं हूं। मेरी कुछ सेल्फ रिस्पेक्ट भी है। इस वजह से मैंने वह नौकरी छोड़ दी। सैफ ने मुझे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन मैंने उन्हें साफ इनकार कर दिया था कि मैं यहां अब नौकरी नहीं करने वाली हूं।

मैं इस बात से बहुत अपसेट थी। जब मैं घर गई और मैंने अपने दोस्तों को यह बात बताएं तो उन्होंने मुझे खुश करने के लिए क्या कुछ नहीं किया लेकिन मेरा मूड बहुत खराब था। फिर उन्होंने मुझे एक सलाह दी उन्होंने कहा कि क्यों ना मैं खुद का रेस्टोरेंट खोल दूं। खाना भी मैं बहुत अच्छा बनाती थी इसलिए उन्होंने मुझे खुद का रेस्टोरेंट खोलने के लिए कहा लेकिन मैंने इस बात के लिए उन्हें मना कर दिया। मैंने उनसे कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं है जो कि मैं खुद का रेस्टोरेंट खोल सकूं। थोड़ी देर सोचने के बाद मेरे दोस्तों ने कहा कि हम सब मिलकर तुम्हारे रेस्टोरेंट खोलने में मदद करेंगे और मै भी रेस्टोरेंट खोलने के लिए राजी हो गई।

अब हम कहीं पर रेस्टोरेंट खोलने के लिए जगह की तलाश कर रहे थे फिर आखिर में हमें एक अच्छी सी जगह मिल ही गई। वहीं पर हमने अपना रेस्टोरेंट खोलने का सोचा। उसी रेस्टोरेंट के बगल में दूसरा रेस्टोरेंट था जहां पर कुछ समय पहले मुझे जॉब से निकाल दिया गया। उसके बाद हमने अपने रेस्टोरेंट को तैयार किया और उसे एक अच्छा सा रेस्टोरेंट बना लिया। रेस्टोरेंट तैयार करने के बाद मैंने अपने दोस्तों के लिए कुछ खाने के लिए बनाया क्योंकि वह दो दिन से रेस्टोरेंट खोलने में मेरी मदद कर रहे थे।

जब हमने रेस्टोरेंट खोला उस समय तक वहां कोई भी नहीं आया पूरा एक दिन हो गया था। उस दिन भी वहां कोई नहीं आया दूसरा दिन भी ऐसे ही बीतता गया। उस दिन भी हमारे रेस्टोरेंट में कोई नहीं आया। मैं परेशान हो गई कि हमने रेस्टोरेंट तो खोल लिया पर हमारे रेस्टोरेंट में तो कोई आ ही नहीं रहा।

यह कहानी आप Hotriya.in में पढ़ रहे।

जब तीसरे दिन हमारे रेस्टोरेंट में एक कपल आए हमने उनकी खूब अच्छी तरह खातिरदारी कि उनके आने से हमें बहुत खुशी मिली। वही हमारे पहले कस्टमर थे उसके बाद से हमारे रेस्टोरेंट में कई लोग आने लगे और हमारा रेस्टोरेंट भरा हुआ सा लगने लगा था। हम लोग बहुत खुश हुए।

ये सेक्स कहानी भी पढ़े;-देवर ने लंड से चोदा

एक दिन अचानक वहीं सैफ हमारे रेस्टोरेंट में आए। जिन्होंने मुझ पर गलत इल्जाम लगाकर वहां से निकाला था। मैंने उनसे प्यार से बात की और उन्हें बैठने के लिए कहा वह मुझसे कहने लगे की मैंने तुम्हारे इस रेस्टोरेंट के बारे में सुना है और तुम्हारे रेस्टोरेंट की बहुत तारीफ सुनने को मिल रही है। लेकिन तुम ज्यादा दिन इस रेस्टोरेंट को चला नहीं पाओगी। मैंने भी कह दिया कि यह आप का रेस्टोरेंट नहीं है जो आप कुछ भी कहे जा रहे हैं। मैंने कहा यह मेरा रेस्टोरेंट है और यहां पर मैं किसी की नहीं सुनने वाली यह कहकर मैंने उनसे वहां से जाने के लिए कह दिया। उन्होंने मुझे कहा तुम मेरी बात का गलत मतलब ले रही हो। मेरा बोलने का मतलब यह नहीं था जो तुम समझ रही हो। उन्होंने मुझे कहा मुझे तुमसे अकेले में बात करनी है तो उन्होंने मुझे मेरे रेस्टोरेंट के कमरे में बुलाया। उन्होंने मुझे कहा कि मेरा बोलने का मतलब वह बिल्कुल नहीं था जो तुम समझ रही हो।

मैं तुम्हारी भलाई के लिए बोल रहा हूं। यह कहते हुए उन्होंने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरी स्कर्ट को ऊपर करते हुए मेरी पैंटी को फाड़ दिया और अपनी पैंट से अपने लंड को बाहर निकालते हुए उन्होंने मेरी गांड में डाल दिया। जिससे कि मैं बहुत तेज चिल्ला उठी और वह ऐसे ही धक्के मारते चले गए। पहले मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन बाद में मुझे अच्छा लगने लगा और अब मैं भी अपनी चूतड़ों को उनके लंड की तरफ ले जाती और वह बड़ी तेजी से धक्के मार रहे थे। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब वह मेरी गांड मार रहे थे थोड़ी समय में उनका वीर्य पतन हो गया। उन्होंने अपने वीर्य को मेरी गांड में ही उड़ेल दिया। मैंने अपनी गांड को साफ किया और बाहर आ गई। सैफ ने मुझे कुछ पैसे भी दिए और कहा जब भी मेरी जरूरत पड़े तो मुझे बोल देना। मैं तुम्हारा बुरा बिल्कुल भी नहीं चाहता हूं। मैं सिर्फ यह देख रहा था कि तुम्हारे अंदर कितना पेशेंस है। तुम्हारे रेस्टोरेंट को लेकर मुझे बहुत खुशी है कि तुम बहुत अच्छा काम करोगी। उसके बाद सैफ वहां से चले गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Cute latino handling bbc during interracial. Goodhead to go deep throat spray sweet strawberry. Companions & non sexual escorts.